मलाला को 'पाकिस्तान की बेटी' का ख़िताब देने की मांग

  • 11 दिसंबर 2012
मलाला ज़रदारी
Image caption राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने मलाला को देश का गौरव बताया था

तालिबान के खिलाफ़ दृढ़ता दिखाने और एक बेहद संकुचित समाज में लड़कियों के हक़ के लिए आवाज़ बुलंद करने वाली पाकिस्तान की बहादुर लड़की मलाला यूसुफ़ज़ई को सम्मानित करने का सिलसिला जारी है.

ताज़ा ख़बर के अनुसार पाकिस्तान की राष्ट्रीय असेंबली ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर मलाला यूसुफ़ज़ई को पाकिस्तान की बेटी के सम्मान से नवाज़े जाने की मांग की है.

बीबीसी को मिली जानकारी के अनुसार ये प्रस्ताव पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सदस्य रोबिना सादत क़ैमख़ानी ने असेंबली में रखा है.

सादत के अनुसरा मलाला ना सिर्फ पाकिस्तान बल्कि पूरी दुनिया के बच्चों की शिक्षा की पैरोकार के रूप में एक मिसाल बन गई हैं.

असेंबली में पेश प्रस्ताव में कहा गया, ''ये सदन शिक्षा के हक़ में मलाला के बलिदानों के महत्व को काफी अच्छी तरह समझता है. इसलिए सदन ये प्रस्ताव रखता है कि मलाला यूसुफ़ज़ई को 'पाकिस्तान की बेटी' के ख़िताब से नवाज़ा जाए.''

मलाला पर हमला

9 अक्तूबर 2012 को मलाला यूसुफ़ज़ई को उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान की स्वात घाटी के मिंगोरा गांव में उस वक्त तालिबानी चरमपंथियों ने गोली मार दी थी जब वो अपने स्कूल बस से घर लौट रही थी.

पिछले हफ्ते ही पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने मलाला यूसुफजई से ब्रिटेन के अस्पताल में जाकर मुलाक़ात की थी जहां उसका इलाज चल रहा है.

मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ज़रदारी ने कहा था कि मलाला एक असाधारण लड़की हैं जो देश का गौरव हैं.

मलाला को अस्पताल में अक्टूबर महीने से विशेष मेडिकल सेवाएँ दी जा रही हैं.

इलाज

तालिबान चरमपंथियों के हमले में मलाला के सिर और गले में गोलियां लगी थीं.

इस हमले में मलाला की दो सहेलियाँ भी घायल हो गईं थीं.

15 अक्टूबर को मलाला को इलाज के लिए ब्रिटेन पहुंचाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है.

मलाला 2009 में 11 साल की उम्र में उस वक्त पहली बार सुर्खियों में आई थीं जब उन्होंने बीबीसी उर्दू सेवा के लिए डायरी लिखना शुरू किया था.

इसमें उन्होंने स्वात घाटी में तालिबान के दबदबे के बीच जिंदगी की मुश्किलों को बयान किया था.

इसी बीच हजारों लोगों ने एक ऑनलाइन हस्ताक्षर मुहिम छेड़ी है जिसमें मलाला को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करने की मांग की गई है.

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