'फिस्कल क्लिफ' पर अमरीकी सीनेट की मुहर

Image caption इस मुद्दे पर रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी में खींचतान जारी है

अमरीकी सीनेट ने उस मसौदे पर अपनी स्वीकृति दे दी है जिसे लेकर भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई थी.

अब इस मसौदे को प्रतिनिधि सभा में भेजा जाएगा.

यह एक ऐसा समझौता है जिसके तहत सामान्य करों में अरबों डॉलर की वृद्धि और खर्चों में कटौती को टाला जा सकेगा.

माना जा रहा था कि अगर इस ‘फिस्कल क्लिफ’ पर मुहर नहीं लगती तो नए साल में अमरीका को आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ सकता था.

सीनेटर्स ने समझौते के पक्ष में मतदान किये.

हालांकि इससे पहले अमरीका में व्हाइट हाउस और विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के बीच समझौते की खबर के बावजूद अमरीकी संसद में 'फिस्कल क्लिप' पर मध्यरात्रि को मतदान की समयसीमा यूं ही बीत गई थी.

रिपब्लिकन पार्टी ने करों में जबरदस्त बढ़ोत्तरी और सरकारी खर्चों में कटौती को टालने के समझौते का समर्थन किया है जिसके बाद उपराष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपनी डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटरों को इस बारे में जानकारी दी.

विश्लेषकों का मानना है कि अगर 'फिस्कल क्लिफ' को लागू होने दिया गया तो इससे अमरीका में फिर से मंदी आ सकती है.

लेकिन अगर ये विधेयक अमरीकी कांग्रेस के दोनों सदनों में पारित हो जाता है तो इसका असर कम से कम होगा.

राजनीतिक रस्साकशी

इससे पहले राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि करों में वृद्धि और खर्चों में कटौती को रोकने के लिए समझौता ‘पहुंच के दायरे' में हैं.

पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के कार्यकाल में पारित टैक्स कटौतियों की समयावधि 31 दिसंबर की मध्यरात्रि को पूरी हो गई जिसके बाद एक जनवरी से टैक्स में वृद्धि और सरकारी खर्चों में कटौतियां लागू हो गई हैं.

टैक्स पॉलिसी सेंटर के एक अनुमान के अनुसार अगर चार सदस्यों के परिवार की आमदनी 75 हजार डॉलर है तो उसकी कर वृद्धि लगभग 3,300 डॉलर होगी. आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर होने वाले इस तरह दुष्प्रभावों को रोकने के लिए काफी समय से अमरीका में राजनीतिक दलों के बीच रस्साकशी जारी है.

प्रस्तावित समझौते में टैक्स कटौतियों का विस्तार उन लोगों तक करने की योजना है जिनकी आमदनी चार लाख डॉलर से कम है- हालांकि मूल रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी ढाई लाख डॉलर की आमदनी वाले लोगों तक ही करों में कटौती का फायदा पहुंचाना चाहती थी.

इससे पहले ओबामा ने कहा कि वो 'फिस्कल क्लिफ' के मुद्दे को व्यापक सौदेबाजी के जरिए सुलझाना चाहेंगे जिसमें दीर्घकालीन खर्चों और कर संबंधी मुद्दों पर ध्यान दिया जाए.

व्यापक परिप्रेक्ष्य

Image caption बराक ओबामा का कहना है कि अभी कई मुद्दों का समाधान बाकी है

डेमोक्रेट पार्टी के सांसदों का कहना है कि 450,000 डॉलर तक कमाने वाले जोड़ों पर कर बढ़ाया जाना चाहिए. लेकिन इस बात पर मतभेद अब भी कायम हैं कि खर्चों में कटौती से कैसे निपटा जाए.

विश्लेषकों का कहना है कि दो जनवरी 2013 तक किसी समझौते पर नहीं पहुंचने की सूरत में वैश्विक आर्थिक मंदी का नया दौर शुरु हो सकता है.

इस पूरे मुद्दे पर मौजूदा गतिरोध की शुरुआत साल 2011 से हुई जब सरकारी कर्ज सीमा और वित्तीय घाटे से निपटने के प्रयास शुरु हुए.

तब डेमोक्रेट और रिपब्लिकन खर्चों में कटौती को साल 2012 के आखिर तक टालने पर सहमत हो गए थे.

तब ये आशंका भी प्रबल हो गई थी कि इस मुद्दे पर आगे कोई रजामंदी नहीं हुई तो 31 दिसम्बर 2012 के बाद यानी नए साल से खर्चों में अनिवार्य कटौती लागू हो जाएगी.

31 दिसम्बर 2012 ही वह तारीख है जब पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश की पहल से शुरु हुई खर्चों में कटौती की मीयाद खत्म हो गई.

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