फिस्कल क्लिफ: ख़तरा बरकरार राजनीति सवार

 बुधवार, 2 जनवरी, 2013 को 00:27 IST तक के समाचार
 अमरीकी संसद

विश्लेषकों का कहना है कि दो जनवरी 2013 तक किसी समझौते पर नहीं पहुंचने की सूरत में वैश्विक आर्थिक मंदी का नया दौर शुरु हो सकता है.

अमरीका में टैक्स की बढ़ोत्तरी और सरकारी खर्चों में कटौतियों के मसले पर 'फ़िस्कल क्लिफ़' नामक आर्थिक संकट का खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है.

अमरीकी सीनेट में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों के सदस्यों ने तो सोमवार को देर रात उस मसौदे पर अपनी भरपूर स्वीकृति दे दी जिसे लेकर भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई थी. लेकिन अब यही बिल प्रतिनिधि सभा में भेजा गया है जहां इसको लेकर दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक खींचतान जारी है.

पहली जनवरी के दिन भी जारी 112वीं प्रतिनिधि सभा के सत्र में रिपब्लिकन पार्टी के कई सदस्यों ने सीनेट में पारित इस बिल पर असहमति जताई है.

मिनेसोटा राज्य से रिपब्लिकन पार्टी की सांसद मिशेल बाकमन ने मंगलवार को सदन में इस बिल का घोर विरोध किया.

वहाँ समर्थन यहाँ विरोध

बाकमन का कहना था, "मुझे नहीं पता कि कितने सिनेटरों ने आधी रात को दो घंटों में यह 150 पन्नों वाला बिल ठीक से पढ़ लिया था जो वोट कर दिया गया. यह कोई तरीका नहीं है सरकार चलाने का. यह तो नाटक है. गैर-ज़रूरी नाटक. राष्ट्रपति ओबामा को अपनी नाकामी की ज़िम्मेदारी कबूल करनी चाहिए. हम इस बिल को नकारते हैं."

सीनेट में जो बिल पारित हुआ है वह दोंनो पार्टियों के बीच हुआ एक ऐसा समझौता है जिसके तहत सामान्य करों में अरबों डॉलर की वृद्धि और खर्चों में कटौती को टाला जा सकेगा.

माना जा रहा था कि अगर इस ‘फिस्कल क्लिफ’ पर मुहर नहीं लगती तो नए साल में अमरीका को आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ सकता था.

सीनेट में तो रिपब्लिकन पार्टी ने करों में जबरदस्त बढ़ोत्तरी और सरकारी खर्चों में कटौती को टालने के समझौते का समर्थन किया है.

अमरीकी उपराष्ट्रपति जो बाइडेन ने डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के सीनेटरों के बीच मध्यस्थता की.

"मुझे नहीं पता कि कितने सिनेटरों ने आधी रात को दो घंटों में यह 150 पन्नों वाला बिल ठीक से पढ़ लिया था जो वोट कर दिया गया. यह कोई तरीका नहीं है सरकार चलाने का. यह तो नाटक है. गैर-ज़रूरी नाटक. राष्ट्रपति ओबामा को अपनी नाकामी की ज़िम्मेदारी कबूल करनी चाहिए. हम इस बिल को नकारते हैं"

मिशेल बाकमन, रिपबलिकन सांसद

याद रहे जो बाईडन उपराष्ट्रपति बनने से पहले 35 वर्ष तक अमरीकी संसद के सदस्य रह चुके हैं.

और अपने इसी अनुभव के कारण अब वह प्रतिनिधि सभा में भी सदस्यों को इस बिल के बारे में समर्थन देने को राज़ी करने पहुंचे हैं.

उम्मीद है कि इस बिल पर आज ही मतदान हो जाएगा.

खींचतान

लेकिन सभा में रिपब्लिकन नेता एरिक कैंटर ने आज ही किसी प्रकार के मतदान का आश्वासन नहीं दिया है.

एरिक कैंटर ने कहा, "हमने अभी मतदान के बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया है."

और हो सकता है कि सीनेट में पारित इस बिल में प्रतिनिधि सभा के रिपब्लिकन सदस्य कुछ बदलाव भी लाने की मांग करें जिसके बाद वोटिंग की जाए.

प्रस्तावित समझौते में टैक्स कटौतियों का विस्तार उन लोगों तक करने की योजना है जिनकी आमदनी चार लाख डॉलर से कम है- हालांकि मूल रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी ढाई लाख डॉलर की आमदनी वाले लोगों तक ही करों में कटौती का फायदा पहुंचाना चाहती थी.

इससे पहले राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि वो 'फिस्कल क्लिफ' के मुद्दे को व्यापक सौदेबाजी के जरिए सुलझाना चाहेंगे जिसमें दीर्घकालीन खर्चों और कर संबंधी मुद्दों पर ध्यान दिया जाए.

डेमोक्रेट पार्टी के सांसदों का कहना है कि 450,000 डॉलर तक कमाने वाले जोड़ों पर कर बढ़ाया जाना चाहिए. लेकिन इस बात पर मतभेद अब भी कायम हैं कि खर्चों में कटौती से कैसे निपटा जाए.

विश्लेषकों का कहना है कि दो जनवरी 2013 तक किसी समझौते पर नहीं पहुंचने की सूरत में वैश्विक आर्थिक मंदी का नया दौर शुरु हो सकता है.

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