दोनों सदन में पास हुआ 'फिस्कल क्लिफ़' प्रस्ताव

  • 2 जनवरी 2013
Image caption ओबामा ने बिल का स्वागत किया है.

अमरीका में करों में बढ़ोतरी और सरकारी खर्चों में कटौती को टाले जाने का प्रस्ताव प्रतिनिधि सभा में भी पास हो गया है.

प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट सदस्यों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया.

अमरीकी समयानुसार मंगलवार रात हुए मतदान में डेमोक्रेट सांसदों की तरफ से प्रस्ताव के पक्ष में 172 वोट पड़े जबकि रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से 85 वोट इस प्रस्ताव के पक्ष में डाले गए.

अब इस मसौदे को राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा.

प्रतिनिधि सभा में बिल पास होने के तुरंत बाद राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस बिल का स्वागत किया और कहा है कि वो बजट से संबंधित मसले को लेकर समझौते के लिए तैयार हैं.

इससे पहले अमरीकी सीनेट से इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल चुकी है.

हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से अभी भी कई मुद्दों पर असहमति की स्थिति बनी हुई है.

विरोध के बाद भी बिल पास

इससे पहले प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन पार्टी के कई सदस्यों ने इस बिल पर असहमति जताई थी.

मिनेसोटा राज्य से रिपब्लिकन पार्टी की सांसद मिशेल बाकमन ने मंगलवार को सदन में इस बिल का घोर विरोध किया.

बाकमन का कहना था, "मुझे नहीं पता कि कितने सिनेटरों ने आधी रात को दो घंटों में यह 150 पन्नों वाला बिल ठीक से पढ़ा कि उन्होंने इस पर वोट कर दिया. यह कोई तरीका नहीं है सरकार चलाने का. यह तो नाटक है. गैर-ज़रूरी नाटक. राष्ट्रपति ओबामा को अपनी नाकामी की ज़िम्मेदारी कबूल करनी चाहिए. हम इस बिल को नकारते हैं."

सीनेट में जो बिल पारित हुआ है वह दोनों पार्टियों के बीच हुआ एक ऐसा समझौता है जिसके तहत सामान्य करों में अरबों डॉलर की वृद्धि और खर्चों में कटौती को टाला जा सकेगा.

माना जा रहा था कि अगर इस ‘फिस्कल क्लिफ’ पर मुहर नहीं लगती तो नए साल में अमरीका को आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ सकता था.

सीनेट में तो रिपब्लिकन पार्टी ने करों में जबरदस्त बढ़ोत्तरी और सरकारी खर्चों में कटौती को टालने के समझौते का समर्थन किया है.

प्रस्ताव के दौरान अमरीकी उपराष्ट्रपति जो बाइडेन ने डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के सीनेटरों के बीच मध्यस्थता भी की.

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