इंटरनेट की आज़ादी के पैरोकार ने की खुदकुशी

 रविवार, 13 जनवरी, 2013 को 15:14 IST तक के समाचार
आरोन स्वार्ट्ज

जाने माने कम्प्यूटर आरोन स्वार्ट्ज नहीं रहे.

इंटरनेट की आजादी के नामचीन पैरोकार रहे आरोन स्वार्ट्ज़ नहीं रहे. रेडिट वेबसाइट की शुरुआत के वक्त उससे जुड़े रहे आरोन की उम्र 26 वर्ष की थी.

स्वार्ट्ज़ के एक संबंधी और मेडिकल जांच करने वाले परीक्षक ने बताया कि कम्प्यूटर प्रोग्रामर स्वार्ट्ज़ ने न्यूयॉर्क के अपने अपार्टमेंट में खुदकुशी कर ली. शुक्रवार को उनका शव पाया गया.

स्वार्ट्ज़ ने बचपन में ही कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग की शुरुआत कर दी थी. आरएसएस के शुरुआती संस्करण के विकास में उन्होंने योगदान किया था. तब वे महज 14 साल के थे.

बाद में वे इंटरनेट की आजादी के पैरोकार बन गए. मौत के समय वे हैकिंग के आरोपों को लेकर अदालती कार्यवाही का सामना कर रहे थे.

स्वार्ट्ज़ इंटरनेट पर सेंसरशिप के खिलाफ अभियान चलाने वाले 'डिमांड प्रोग्रेस' समूह के संस्थापकों में से एक थे.

हैकिंग के आरोप

उन पर ऑनलाइन आर्काइव 'जेस्टोर' से लाखों की संख्या में अकादमिक दस्तावेज़ डाउनलोड करने का आरोप था.

अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोन का इरादा इन दस्तावेजों को मुफ्त में बांट देने का था.

पिछले साल शुरुआती सुनवाई में आरोन ने कम्प्यूटर की धोखाधड़ी के आरोपों से इनकार किया था. इसके बाद की अदालती कार्यवाही अगले महीने शुरू होनी थी.

स्वार्ट्ज के वकील इलियट आर पीटर्स ने एक अखबार को ई-मेल पर अपने मुवक्किल की मौत की पुष्टि की.

उन्होंने लिखा, “आप को जो दुखद खबर मिली है, मुझे अफसोस है कि वह सच है.”

न्यूयॉर्क में आरोन की मेडिकल जांच करने वाले महकमे के प्रवक्ता ने बाद में समाचार एजेंसी एपी को इस बात की पुष्टि कर दी कि आरोन स्वार्ट्ज ने फांसी लगा ली थी.

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