मुबारक के मुक़दमे की दोबारा सुनवाई के आदेश

 सोमवार, 14 जनवरी, 2013 को 01:26 IST तक के समाचार

अदालत के आदेश पर मुबारक समर्थक खुशी से झूम उठे

मिस्र की एक अदालत ने देश के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को दी गई आजीवन कारावास की सज़ा के खिलाफ़ की गई अपील को स्वीकार कर उस पर दोबारा सुनवाई का आदेश जारी किया है. उन्हें सत्ता विरोधी प्रदर्शनकारियों की मौत के लिए ज़िम्मेदार ठहराया गया था.

84 वर्षीय मुबारक को साल 2011 में राजधानी काहिरा और अन्य शहरों में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद सत्ता से हटा दिया गया था और जून महीने में उन्हें कारावास में डाल दिया गया था.

देश के पूर्व गृह मंत्री हबीब अल अदली के खिलाफ़ लगे उन्हीं आरोपों की भी अदालत ने दोबारा सुनवाई का आदेश दिया है.

होस्नी मुबारक के खिलाफ़ लगे भ्रष्टाचार के मामलों की भी दोबारा सुनवाई की जाएगी, हालांकि पिछले साल जून में उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी कर दिया गया था.

मुबारक ने मिस्र पर 30 वर्षों तक शासन किया. उनके शासन के खिलाफ हुए देशव्यापी आंदोलनों से पहले उनपर छह बार जानलेवा हमले हुए थे.

उन्हें हटाए जाने के बाद पिछले साल जून में मुस्लिम ब्रदरहुड पार्टी के निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी ने मिस्र में सत्ता की कमान संभाली थी.

उन्हीं सबूतों के आधार पर सुनवाई

होस्नी मुबारक के वकीलों में से एक मोहम्मद अब्दुल रज़ाक समाचार एजेंसी रॉयटर को बताया कि मुबारक के केस की दोबारा सुनवाई उन्हीं सबूतों के आधार पर की जाएगी जिनपर पहले के मुक़दमे में सुनवाई की गई थी.

होस्नी मुबारक की सत्ता के खिलाफ लंबे जनांदोल में हज़ारों लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया था

उन्होंने कहा कि, "मुक़दमे की सुनवाई में किसी नए सबूत को नहीं जोड़ा जाएगा."

अभियोजकों की अपील पर जज अब्दुल रहमान ने होस्नी मुबारक, उनके बेटे गमाल और अला के साथ ही भगोड़े घोषित किए गए कारोबारी हुसैन सलेम पर लगे भ्रष्टाचार के मामलों में उन्हें बरी किए जाने के मामले की भी दोबारा सुनवाई का आदेश दिया है.

मुबारक के वकील ने ये भी बताया कि मामले की सुनवाई के लिए बना जजों का नया पैनल मुक़दमे का फ़ैसला सुनाते हुए होस्नी मुबारक के स्वास्थ्य का ध्यान रखेगा क्योंकि मुबारक काहिरा की एक जेल में बंद हैं और ऐसी ख़बरें आती रही हैं कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है.

पूर्व राष्ट्रपति को फिलहाल सेना के अस्पताल में रखा गया है क्योंकि पिछले महीने जेल के बाथरूम में वो गिर गए थे और वो ज़ख़्मी हो गए थे.

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