भारतीय विदेश मंत्री से बातचीत को तैयार हैं: हिना

नियंत्रण रेखा
Image caption कुछ भारतीय अख़बारों ने कहा है कि नियंत्रण रेखा का उलंघन भारत की तरफ से शुरू हुआ था.

पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर ने कहा है कि दोनों मुल्कों के बीच जारी तनाव को ख़त्म करने के लिए वो अपने भारतीय समकक्ष से मिलना चाहती हैं.

अमरीका के न्यूयार्क में हिना रब्बानी खर ने कहा, "हाल की घटनाएं बहुत दुर्भाग्यपुर्ण हैं. हम इस मामले पर विचार विमर्श के लिए विदेश मंत्री स्तर पर बातचीत के लिए तैयार हैं. ताकि इस मामले का निपटारा किया जा सके और हम फिर से युद्ध-विराम की शर्तों के आदर की बात कर सकें."

पाकिस्तानी विदेश मंत्री का कहना था कि हालांकि 10 दिनों से जारी नियंत्रण रेखा पर जारी झड़पों ने बहुत सारे सवाल खड़े कर दिए हैं लेकिन विवाद को सुलझाने के लिए पाकिस्तान बातचीत के लिए तैयार है.

भारत पाकिस्तान के बीच छह जनवरी से ही तनाव और बढ़ गए हैं. पाकिस्तान ने भारत पर अपने जवानों को मारने का आरोप लगाया है जबकि भारत ने कहा है कि पाकिस्तान ने उसके दो सिपाहियों को मार डाला जबकि मारने वाले एक सैनिक का सर काटकर भी साथ ले गए.

एक और सैनिक की मौत

इस बीच पाकिस्तान की फौज ने एक बयान में कहा है कि उसका एक सिपाही भारतीय टुकड़ियों की ओर से की गई फ़ायरिंग में मारा गया है.

फौज का कहना है कि ये घटना कुंडी क्षेत्र की है.

अभी तक इस मामले में पाकिस्तान सरकार की तरफ़ से आ रहे बयान कम आक्रामक रहे हैं. मुल्क की मौजुदा सरकार भ्रष्टाचार के मामले में घिर गई है.

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी, जिसके एक पुर्व प्रधानमंत्री युसुफ़ रज़ा गिलानी सुप्रीम कोर्ट के हुक्म न मानने की वजह से सत्ता से हाथ धो चुके हैं, भ्रष्टाचार के मामले पर हर तरफ़ से घिरती हुई नज़र आ रही है.

Image caption मुख्य विपक्षी दल बीजेपी की नेता सुषमा स्वराज जैसे को तैसा की मांग कर रही हैं.

अदालत ने मंगलवार को वर्तमान प्रधानमंत्री राजा अशरफ़ परवेज़ को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार करने के हुक्म जारी किए हैं.

पाकिस्तान में अहम लोगों की ज़िम्मेदारियों की जांच करने वाली संस्था नेशनल दायित्व ब्यूरो के वकील ने कहा है कि संस्था के प्रमुख इस मामले पर गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश होंगे.

विशाल रैली

इस्लामाबाद में धार्मिक नेता तहीरुल क़ादर के हज़ारों समर्थक राजधानी में डेरा डाले हैं और सरकार को भंग कर चुनाव की मांग कर रहे हैं.

उन्होंने अपनी मांगों को मानने के लिए बुधवार रात तक का समय दिया था.

तहीरुल क़ादरी ने मुल्क के विपक्षी राजनीतिक दलों से आग्रह किया था कि वो उनका समर्थन करें. हालांकि विपक्षी दलों ने जल्द से जल्द चुनाव के तारीख़ों की घोषणा करने की मांग की है लेकिन साफ़ कर दिया है कि वो धार्मिक नेता के साथ नहीं जाएंगे.

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