ड्रीमलाइनर विमानों को न उड़ाने का आदेश

यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी ने सभी एयरलाइंसों को आदेश दिया है कि वो बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों को न उड़ाएं.

इन विमानों में आ रही सुरक्षा संबंधी समस्याओं को देखते हुए ये आदेश दिया गया है.

इससे पहले अमरीका के संघीय विमानन प्राधिकरण भी इन विमानों की उड़ान पर रोक लगा चुका है. इन विमानों में बैटरी की बहुत समस्या है.

वैसे बॉइंग का कहना है कि उनके विमान बिल्कुल सुरक्षित हैं. लेकिन बीते कुछ हफ्तों में बोइंग ड्रीमलाइनर विमानों पर कई अप्रिय घटनाएं हुई हैं.

इनमें ईंधन का रिसना, कॉकपिट की खिड़की में दरार आना, ब्रेकों में समस्या और आग लगना तक शामिल है.

संकट में ड्रीमलाइनर

इस वक्त दुनिया भर में लगभग 50 ड्रीमलाइनर विमान हैं जिन्हें अलग अलग एयरलाइंस इस्तेमाल कर रही हैं. इनमें लगभग आधे जापान के पास हैं.

जापान की ऑल निप्पोन एयरवेज और जापान एयरलाइंस इन विमानों को बुधवार से नहीं उड़ा रही हैं. एक विमान की आपात लैडिंग के बाद ये फैसला किया गया.

चिली और भारत ने भी बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की उड़ान कुछ समय के लिए रोक दी है.

भारतीय नागरिक उड्डयन मामलों के महानिदेशक अरुण मिश्रा ने बीबीसी को बताया, "कुछ समय के लिए ये फ़ैसला किया गया है. बोइंग इस बारे में जब सुरक्षा से जुड़ी चिंताएँ दूर कर देगा तो उड़ानें फिर से शुरू हो सकेंगी."

बोइंग के संपर्क में

पोलैंड की लॉट इकलौती यूरोपीय एयरलाइंस है जिसके पास दो ड्रीमलाइनर विमान हैं.

ज्यादातर विमानन कंपनियों ने फिलहाल ड्रीमलाइनर विमानों को न उड़ाने का फैसला किया है

एशिया में जापान के अलावा सिर्फ़ भारत के पास ड्रीमलाइनर विमान हैं. एयर इंडिया के पास छह ड्रीमलाइनर विमान हैं.

जापान की घटना के बाद भारतीय अधिकारियों ने कहा था कि वे बोइंग के साथ संपर्क में हैं.

मगर उन्होंने ड्रीमलाइनर विमानों की उड़ान तब तक नहीं रोकी जब तक अमरीकी संघीय विमानन प्रधिकारण ने इन विमानों पर सवाल नहीं उठाया था.

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