पाक सरकार से कादरी का क्या समझौता हुआ?

  • 18 जनवरी 2013
समझौते की जानकारी देते क़ादरी
Image caption क़ादरी ने सूचना मंत्री क़मर ज़माँ कैरा और क़ानून मंत्री फ़ारुक़ नायक की मौजूदगी में इस समझौते की जानकारी दी

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कई दिनों से जारी भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शन खत्म हो गए हैं.

'इस्लामाबाद लॉन्ग मार्च घोषणापत्र' पर प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे ताहिरुल कादरी और प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ के दस्तखत के बाद ये फैसला किया गया.

सरकार के इस्तीफे की मांग को लेकर चार दिनों से अपने हजारों समर्थकों के साथ इस्लामाबाद में डटे कादरी का सरकार के साथ समझौता बहुत अहम माना जा रहा है.

इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता शाहज़ेब जिलानी के अनुसार ये ताहिरुल क़ादरी की ओर से बीच का रास्ता ढूँढ़ने की एक कोशिश जैसा समझौता है क्योंकि ये बहुत ही व्यापक है और किसी ख़ास चीज़ पर कोई आश्वासन नहीं दिया गया है.

शाहज़ेब कहते हैं कि इसमें सरकार के लिए बाध्यकारी कोई भी बात नहीं है और क़ादरी ने अपनी जो लंबी माँग रखी थी ये समझौता उससे कहीं दूर रह गया.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार इस तरह से अचानक समझौता हो जाने से अब तक क़ादरी का समर्थन कर रहे लोगों का एक वर्ग काफ़ी निराश भी है. मगर ये ज़रूर है कि उनके उठाए मुद्दों ने लोगों की नब्ज़ को ज़रूर पकड़ा.

अचानक ये मुद्दा क़ादरी ने समाप्त करने का फ़ैसला क्यों कर लिया इसे लेकर कोई स्पष्ट रूप से कुछ बता नहीं पा रहा है मगर इस पर अटकलों का बाज़ार गर्म ज़रूर है.

आइए नजर डालते हैं कि इस समझौते में कौन सी अहम बातें शामिल हैं.

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