मिस्र के शहरों में आपातकाल की घोषणा

 सोमवार, 28 जनवरी, 2013 को 07:41 IST तक के समाचार
मिस्र

विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रपति मोरसी मनमानी कर रहे हैं

मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी ने देश के क्लिक करें कुछ शहरों में हालिया हिंसा के मद्देनज़र आपातकाल लगा दिया है.

ये शहर पोर्ट सईद, स्वेज़ और इस्मालिया हैं जहां बीते हफ्ते के आखिरी दिनों में भड़की हिंसा में कम से कम 33 लोग मारे गए थे.

देश में बीते साल फुटबॉल मैच के दौरान हुए दंगों के सिलसिले में चंद रोज़ पहले एक अदालत ने 21 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई थी जिसके बाद क़ानून व्यवस्था बिगड़ती चली गई.

राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में मोरसी ने कहा कि पोर्ट सईद, स्वेज़ और इस्मालिया में अगले 30 दिनों तक रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लगा रहेगा.

मोरसी की इस घोषणा ने उपद्रवियों को और भड़का दिया है.

राजधानी काहिरा में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की तहरीर चौक के नजदीक सुरक्षाबलों से लगातार चौथे दिन भी झड़पें हुई हैं.

विपक्ष ने मोरसी पर तानाशाह होने और नए संविधान के मनमाने इस्तेमाल का आरोप लगाया है.

विपक्ष ने देश में गहराते आर्थिक संकट के लिए भी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है.

मिस्र की सुरक्षा का हवाला

"मैं किसी भी आपात उपाए के खिलाफ हूं, यह बात मैं पहले ही कह चुका हूं, लेकिन मेरा यह भी कहना है कि रक्तपात रोकने और लोगों को बचाने के लिए मेरे जरूरी कार्रवाई करूंगा."

मोहम्मद मोरसी, राष्ट्रपति

राष्ट्रपति मोरसी ने आपातकाल लगाने के अपने फैसले का यह कहते हुए बचाव किया है कि देश की सुरक्षा के यह कदम उठाना ज़रूरी था.

समस्या के समाधान के लिए बातचीत के रास्ते पर जोर देते हुए मोरसी ने सोमवार को राजनीतिक नेताओं को 'राष्ट्रीय संवाद'के लिए आमंत्रित किया है.

मोरसी ने कहा, ''मैं किसी भी आपात उपाए के ख़िलाफ़ हूं, यह बात मैं पहले ही कह चुका हूं, लेकिन मेरा यह भी कहना है कि रक्तपात रोकने और लोगों को बचाने के लिए मेरे जरूरी कार्रवाई करूंगा.''

उन्होंने कहा, ''मिस्र की ख़ातिर ऐसा करना जरूरी होगा. यह मेरा कर्तव्य है और मैं संकोच नहीं करूंगा.''

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