'आत्मघाती हमलावर' बेटे को पुलिस को सौंपा

कुंदुज़,अफ़ग़ानिस्तान
Image caption अफ़ग़ानिस्तान के कुंदुज़ शहर मे शनिवार को एक आत्मघाती हमला हुआ था.

अफ़ग़ानिस्तान के उत्तरी शहर कुंदुज़ में एक पिता ने अपने किशोर बेटे को इसलिए पुलिस को सौंप दिया क्योंकि उसे डर था कि बेटे को आत्मघाती हमलावर बनने के लिए तैयार किया जा रहा है.

इस व्यक्ति ने बीबीसी को बताया कि वो कुछ समय से अपने बेटे के बारे में चिंतित था. उसने कहा कि गत शनिवार को शहर में एक आत्मघाती हमले की ख़बर सुनकर वो घबरा गया.

एक भीड़ वाले बाज़ार में हुए इस हमले में कम से कम 10 पुलिस वाले मारे गए थे जिनमें शहर के आतंकवादी निरोधी दस्ते के प्रमुख और एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे.

मंगलवार को एक पत्रकार सम्मेलन में पुलिस प्रवक्ता सैयद सरवर हुसैनी ने बताया कि पिता के इस कदम से "एक और जानलेवा हमला होने से बच गया."

परिवार की सुरक्षा के मद्देनज़र इस व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया.

बेटे के चरमपंथी बनने का डर

पिता ने बताया, "जब मैंने आत्मघाती हमले के बारे में सुना, उस वक्त मैं दुकान में था और मुझे चिंता हुई कि ये शायद मेरे दूसरे बेटे ने किया हो."

ये व्यक्ति तुरंत घर भागा. पहले तो वो अपने बेटे को नहीं ढूंढ पाया लेकिन फिर बाद में उसे बेटा शहर में एक मकान में मिल गया.

बेटे के साथ कुछ लोग थे जिन्होंने उसे घर भेजने से इंकार किया और कहा कि वे उसे अगले दिन भेज देंगे. और तब पिता ने पुलिस को फोन कर उन्हें इस मकान का पता देने का फ़ैसला किया.

पिता का कहना था कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उसे डर था कि उसका 16 साल के बेटे को चरमपंथी बना दिया गया हो.

पुलिस ने उस मकान पर बाद में छापा मार कर इस व्यक्ति के बेटे और एक अन्य आदमी को गिरफ़्तार कर लिया.

पुलिस ने बीबीसी को बताया कि उन्हें य़कीन था कि जिस मकान से गिरफ़्तारियां की गई थीं, उसे ऐसे लोगों ने किराए पर लिया था जो "आत्मघाती हमलावरों को तैयार कर रहे थे", हालांकि उस मकान में बम बनाने का कोई सामान नहीं मिला.

'बदल गया था बेटा'

Image caption अफ़ग़ानिस्तान में अक्सर चरमपंथी आत्मघाती हमलों के निशाने पर सुरक्षाबल होते हैं.

उधर पिता ने बीबीसी को बताया कि उनका परिवार पाकिस्तान में 30 साल तक रहने के बाद पिछले साल के अंत में कुंदुज़ लौटा था. उसने कहा कि पाकिस्तान छोड़ने के कई महीने पहले उसका बेटा ग़ायब हो गया था और वापिस लौटने पर वो "पूरी तरह बदल" चुका था और "अंतर्मुखी" बन गया था.

इस व्यक्ति ने आगे बताया कि उसके बेटे ने धार्मिक पढ़ाई की थी और उसने शिद्दत से क़ुरान पढ़ना शुरु कर दिया था.

पिता ने कहा, "मैं बेटे के बर्ताव के प्रति चिंतित था. उसने हमें बताया कि वो पाकिस्तानियों के साथ था और वो लोग उसे लगातार दवाइयां देते थे."

ये व्यक्ति अपने बेटे को लेकर इतना परेशान हो गया कि उसने पाकिस्तान छोड़ने का फ़ैसला किया. लेकिन वो कहता है कि कुंदुज़ में भी उसका बेटा पाकिस्तानियों से संपर्क करता रहा.

वो किशोर अब पुलिस हिरासत में है. उसके पिता का कहना है कि बेटा अब फिर से पढ़ाई करेगा.

संवाददाताओं का कहना है कि अधिकारी इस पिता का उदाहरण दे रहे हैं कि कैसे आम आदमी युवाओं को चरमपंथ से जुड़ने से रोकने में मदद कर सकते हैं.

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