‘धीरे धीरे तबाह हो रहा है सीरिया’

Image caption एलेप्पो के एक ऐसे इलाके में शव मिले हैं जहां घमासान लड़ाई छिड़ी हुई है.

सीरिया में एक नदी के किनारे 71 शवों के मिलने के बाद संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत लखदर ब्राहिमी ने सुरक्षा परिषद में कहा है कि सीरिया ने आतंक की हद को पार कर लिया है.

लखदर ब्राहिमी ने कहा कि सीरिया धीरे धीरे तबाह होता जा रहा है और इसके नतीजे क्षेत्र के लिए गंभीर होगे.

लखदर ब्राहिमी ने चेताया, “सीरिया आतंक का चरम को पार कर चुका है और ये यहीं ख़त्म नही होने वाला है. हमारी आँखों के सामने ये देश टूट रहा है. सिर्फ अंतरराष्ट्रीय समुदाय ही इसमें मदद कर सकता है.”

जून 2012 में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सीरिया संकट का हल खोजने के लिए शांति योजना के तहत लखदर ब्राहिमी को दूत नियुक्त किया गया था

उन्होंने आगे कहा, “सीरिया बरबाद हो रहा है. मैं कई बार ये बात कहता हूँ, और इसके लिए सुरक्षा परिषद के सदस्य मुझसे नाराज भी होते हैं, लेकिन वो सीरिया की बरबादी में सहयोग कर रहे हैं.”

इससे पहले, सीरियाई शहर एलेप्पो के पश्चिमी ज़िले बुस्तान अल-क़सर में क़ुवैक़ नदी के किनारे पर कम-से-कम 71 शव मिले, जिन्हें देख कर लगता है कि उनका नरसंहार किया गया है.

यू ट्यूब पर वीडियो

विपक्षी कार्यकर्ताओं ने इस वीभत्स घटना का वीडियो यू ट्यूब पर पोस्ट किया है. इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि नदी के किनारों पर बड़ी तादाद में शव बिखरे पड़े दिखाई दे रहे हैं. शव मिट्टी में सने हैं. कुछ के सिर से खून बहने के निशान भी हैं.

एक ब्रितानी पत्रकार रुथ शेरलॉक ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने एक स्थानीय स्कूल के आंगन में रखे 71 शवों की गिनती की है. इनमें से दो किशोर भी है. उन्होंने बताया कि ज़्यादातर शवों के हाथ पीछे बंधे हुए थे और उनके सिर पर बेहद नजदीक गोली मारी गई थी.

सरकार और विपक्ष दोनों ने एक दूसरे को इस हत्या का जिम्मेदार ठहराया है.

फ्री सीरियन आर्मी के एक कप्तान ने बताया कि मृतकों में कुछ लोग किशोर थे. इस व्यक्ति ने एएफपी समाचार एजेंसी को बताया कि अब भी कई शव नदी में थे और मरने वालों की संख्या 100 तक जा सकती है. लॉरी पर शवों को लादने में मदद देने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि शवों पर किसी तरह के पहचान के निशान नहीं हैं.

अपनों की तलाश

समाचार ऐजेंसी एएफपी का कहना है कि लोग अपने गुमशुदा रिश्तेदारों को ढूंढने की आशा में नदी के किनारे पर इकट्ठा हो रहे हैं. कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन लोगों को राष्ट्रपति बशर अल-असद के प्रति वफ़ादार सुरक्षाबलों ने गिरफ़्तार कर मार डाला.

बेरुत में मौजूद बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर का कहना है एलेप्पो में पिछले वर्ष जुलाई में लड़ाई छिड़ने के बाद से दोंनो ही पक्ष बुस्तान अल-क़स्र ज़िले पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे हैं.

संवाददाताओं का कहना है कि जुलाई से सरकारी और विद्रोही सेनाओं का एलेप्पो पर लगभग बराबरी का कब्ज़ा है और लगातार झड़पों के बावजूद दोंनो में से कोई भी पक्ष, दूसरे को वहां से निकाल नहीं पाया है.

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