जाम में समय बर्बाद न करें, कुछ ऐसा करें

मॉस्को में ट्रैफिक जाम
Image caption मॉस्को में ट्रैफिक जाम रोजमर्रा का हिस्सा है

ट्रैफिक जाम भारत में ही बड़ी समस्या नहीं है, बल्कि दुनिया के कई और भी बड़े शहरों में लोगों को रोज इससे जूझना पड़ता है.

लेकिन जाम में बर्बाद होने वाले समय का कुछ लोग बहुत ही रचनात्मक इस्तेमाल करते हैं.

खास कर रूस की राजधानी मॉस्को में कई लोग अच्छी तरह जानते हैं कि ऐसे में उन्हें क्या करना है.

एलेना पिस्कुनोवा अपना फिटनेस ट्रेनिंग सेंटर चलाती हैं और जब ट्रैफिक जाम में फंसती है तो अपनी कार में कसरत करने का मौका नहीं गंवाती हैं.

वो कहती हैं कि रूसी लोक गीत गाते हुए अपनी मांसपेशियों को आराम देने और तनाव दूर करने का ये अच्छा तरीका है.

वो कहती हैं, “मुझे कार में कसरत करना अच्छा लगता है.” उन्होंने कुछ ऐसी कसरत विकसित की हैं जो आसानी से कार में की जा सकें.

अनूठी प्रेम कहानी

एक टेनिस क्लब के मालिक एलेक्जेंडर एरोखिनी को इसी ट्रैफिक जाम ने उनकी माशूका से मिलाया जो बाद में उनकी बीवी भी बनीं.

इस अनूठी प्रेमकथा को एलेक्जेंडर इस तरह बयान करते हैं, “मैं जाम में फंसा था तो मेरी नजर पास वाली कार पर पड़ी. उसमें एक सुंदर महिला बैठी थी. मैंने सोचा उससे दोस्ती की जाए. मैंने शीशा नीचे किया और उसका नंबर मांगा.”

वो आगे बताते हैं, “उसने चीख कर अपना नंबर बताया और मैंने तभी उसे फोन लगाया. मैंने उसी शाम एक कैफे में उसे बुलाया. इसके दो साल बाद मैंने और मरीना ने शादी कर ली.”

क्या ये पहली नजर का प्यार था, एलेक्जेंडर कहते हैं, “उसकी तरफ से हां. मेरी बात की जाए तो उससे पहले भी कई लड़कियों से मेरा रिलेशन रह चुका था और उस दौरान मैं अच्छी सी लड़की देख कर अपनी गृहस्थी शुरू करना चाहता था.”

जाम में कंसर्ट

Image caption साशा को माउथ ऑर्गन से लोगों का मनोरंजन करना अच्छा लगता है

पेशे से साउंड इंजीनियर वैसिली फिलातोव को ट्रैफिक जाम में नई नई ध्वनियां मिलती हैं.

जब भी वो जाम में फंसते हैं तो अपने लैपटॉप को चालू कर देते हैं और कारों की ध्वनियां को सहेज लेते हैं जिनका इस्तेमाल वो बाद में अपने काम में करते हैं.

वहीं माउथ ऑर्गन बजाने वाले साशा सोलोव्यू का कहना है कि जाम के दौरान वो रिहर्सल करते हैं. वो कहते हैं कि इस तरह वो अपने आसपास मौजूद दूसरे लोगों तक अपना संगीत पहुंचा सकते हैं.

वो बताते हैं, “जब मैं जाम में फंसता हूं तो आसपास के लोगों से कहता है कि वो अपने खिड़कियों के शीशे नीचे करें और मेरे कंसर्ट में शामिल हों और मेरा संगीत सुनें.”

कई बार तो ऐसा भी हुआ जब उसी जाम में साशा के बैंड के दूसरे सदस्य भी फंस गए और उन्होंने मिल कर वहीं लोगों का मनोरंजन किया.

समय का सदुपयोग

ओल्गा श्कुता की कार जब जाम में फंस जाती है तो वो बिल्कुल भी समय बर्बाद नहीं करती हैं और अपनी सलाइयां निकाल कर बुनाई शुरू कर देती हैं.

Image caption ओल्गा ने ये शॉल जाम के दौरान बनाया था

जाम के दौरान उनके मौजे की बुनाई तो अच्छी तर हो जाती है लेकिन वो जाम को पसंद कतई नहीं करती हैं.

जब इसकी वजह पूछी गई तो वो कहती हैं, “क्योंकि इस शहर में बहुत सारे लोग रहते हैं और हर कोई अपनी कार से चलना चाहता है. और जाम में फंसते हैं. शायद इसीलिए जाम में फंसते हैं कि कुछ समय अपने लिए पा सकें.”

कुल मिला कर जाम में फंसने पर ट्रैफिक और शहर की व्यवस्था को कोसने से अच्छा है कि उस समय का कुछ इस तरह अच्छा इस्तेमाल किया जाए.

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