चीन में चरम पर पहुंचा भ्रष्टाचार

  • 5 फरवरी 2013
Image caption चीन के शासन व्यवस्था में भ्रष्टाचार अंदर तक मौजूद.

चीनी अख़बारों में देश के अंदर भ्रष्टाचार के लगातार बढ़ते मामलों को प्रमुखता से जगह मिल रही है. पिछले दिनों देश के उपराष्ट्रपति साई जिंगपिंग ने एक तरह से अख़बारों पर अंकुश लगाने की घोषणा की थी, उसके विरोध में चीनी मीडिया एक नए उत्साह से भ्रष्टाचार के मामलों को सामने ला रहा है.

मीडिया की ख़बरों में आवास पंजीकरण प्रणाली की खामियां भी उजागर की जा रही हैं. इसके तहत प्रावधान ये है कि एक व्यक्ति एक ही आवास के लिए पंजीकरण कर सकता है लेकिन अधिकारियों की सांठगांठ से नियमों को ताक पर रखा जा रहा है.

चीनी शहरों में इन दिनों ज़मीन जायदाद की कीमत तेजी से बढ़ रही है और इसके चलते ही अधिकारियों में भ्रष्टाचार के मामले बढ़े हैं.

चाइना डेली की एक रिपोर्ट के मुताबिक हाउस सिस्टर के नाम से मशहूर बैंकर गोंग आइया ने बीजिंग में कई पंजीयन कराके 41 मकान खरीद लिए हैं. जबकि उनकी एक पूर्व सहयोगी ने राजधानी में 12 फ्लैट खरीदे हैं.

सरकारी अधिकारी सबसे भ्रष्ट

बीजिंग टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक भ्रष्टाचार निरोधक इकाई का एक अधिकारी हाउस ब्रदर के नाम से मशहूर है जिसने पहले तो अपनी पत्नी के नाम पर 15 जायदाद खरीदे और इसके बाद अपनी पत्नी से फर्जी तलाक ले लिया ताकि संपत्ति में उसकी हिस्सेदारी साबित नहीं हो सके.

बीजिंग टाइम्स के मुताबिक ही ग्वांगडोंग में एक सुरक्षा अधिकारी ने अवैध तरीके से दो जायदाद बनाए हैं. ग्वांगजाऊ डेली के मुताबिक ड्राइविंग टेस्ट पास करने के लिए परीक्षक रिश्वत लेते हैं.

चीनी और अंग्रेजी में छपने वाले अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है कि भ्रष्टाचार पर अंकुश पाने के लिए दोषी को कड़ी सजा देनी होगी और इसके अलावा अधिकारियों को बाजार दर पर वेतन भी देना होगा ताकि उनका ध्यान अवैध कमाई की ओर नहीं जाए.

अखबार अपने संपादकीय में लिखता है, “धन की पूजा किसी भी समाज को नष्ट कर सकती है. धन संपत्ति जितनी महत्वपूर्ण दूसरी चीजें भी हैं.”

चीन की सरकार गलत और झूठे आंकड़ें भी पेश करती रही है. द बीजिंग न्यूज़ और चाइना यूथ डेली के मुताबिक बीते साल चीन के अधिकारियों ने चीनी अर्थव्यवस्था को पांच ख़रब यूआन का बता दिया था.

पीपल्स डेली की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते एक महीने के अंदर पुलिस ने 120 अनाज घोटालों में करीब 350 लोगों को गिरफ़्तार किया है.

इंटरनेट से संबंधित ख़बरों में चीनी की मुख्य धारा की मीडिया ने उस ख़बर को जगह नहीं दी जिसमें गूगल के प्रमुख इरिक स्केमिड्ट ने कहा था कि चीन आर्थिक और राजनीतिक फायदे के लिए साइबर क्राइम को बढ़ावा दे रहा है.

इंटरनेट पर अंकुश

वहीं दूसरी ओर ह्यूमन राइट्स वाच ने चीन की इस बात के लिए आलोचना की है कि वह इंटरनेट और सोशल नेटवर्किंग साइट पर अंकुश लगाता रहा है.

चाइना डेली में प्रकाशित एक ख़बर में शंघाई अकादमी ऑफ सोशल साइंस के ह्यूमन राइट्स सेंटर के निदेशक लियू जाई कहते हैं, “गूगल प्रमुख का बयान एक तरह से चीन को फटकार है लेकिन यह राजनीतिक तौर पर बीजिंग की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला कदम है.”

एक दिन पहले चीनी कानून के प्रोफेसर वैंग सिजिन ने ग्लोबल टाइम्स को कहा था कि इंटरनेट पर अभिव्यक्ति पर अंकुश लगाने वाले ह्यूमन राइट्स वाच के आरोप आधरहीन है.

इंटरनेट पर चीन की कुछ अच्छी ख़बरे भी हैं. द बीजिंग न्यूज़ ने उस ख़बर को जगह दी है जिसमें शंघाई के लोगों ने एक अप्रवासी कामगार की मदद की है. इस कामगार की मेहनत की कमाई को अज्ञात लोगों ने लूट लिया था. लेकिन शंघाई के लोगों ने आपस में 14 हज़ार यूआन चंदा एकत्रित करके इस कामगार की मदद की.

वहीं चीनी समाचार एजंसी शिन्हुआ की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने बर्मी समुदाय और स्थानीय विद्रोही नेता के बीच समझौता कराया है. लेकिन ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक इस समझौते में बर्मी समुदाय के अहम कट्टरपंथी नेता शामिल नहीं हुए हैं, ऐसे में समझौता कारगर नहीं होगा.

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