यूरोप में गहराया घोड़े के मांस का विवाद

घोड़े का मांस
Image caption फ्रांस सरकार का कहना है कि ये पूरा मामला छह महीने से चल रहा था

यूरोप में इन दिनों खाने की चीजों में गाय के मांस के नाम पर घोड़े का मांस प्रयोग किए जाने को लेकर तीखा विवाद चल रहा है.

पश्चिमी देशों में गाय के मांस का खाने में व्यापक इस्तेमाल होता है. लेकिन अब वहां इसके स्थान पर कई तरह के फ्रोजन खाद्य उत्पादों में घोड़े का मांस दिए जाने के कई मामले सामने आए हैं.

फ्रांस में जहां एक कंपनी का लाइसेंस जानबूझ कर घोड़े का मांस इस्तेमाल करने के आरोपों में निलंबित कर दिया गया है वहीं ब्रिटेन में पुलिस ने इस सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

दूसरी तरफ जर्मनी में भी मांस युक्त फ्रोजन चीजों को बाजार से हटाया जा रहा है.

स्वास्थ पर असर

खाद्य सुरक्षा एजेंसियां का कहना है कि इस तरह के मांस से घोड़ों को दवा के तौर पर दिए जाने वाले तत्व मानव खाद्य श्रंखला में शामिल हो रहे हैं.

जर्मनी के नॉर्थ राइन वेस्ट फालिया राज्य के स्वास्थ्य मंत्री योहानेस रेमेल का कहना है, "फिलहाल इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि ये स्वास्थ के लिए खतरनाक हो सकता है. अभी हमने इसका विस्तार से विश्लेषण नहीं किया है. हम ऐसा करने जा रहे हैं. ये अभी नहीं पता चला है कि घोड़े का मांस क्यों मिलाया गया जबकि वो तो इतना सस्ता भी नहीं है. इसकी कोई तो वजह होगी. हम जांच कर रहे हैं लेकिन अभी कोई नतीजा हमारे पास नहीं है."

इस विवाद की चपेट में यूरोप के 12 देश हैं. इस विवाद की शुरुआत जनवरी के मध्य में आयरलैंड में हुई जब वहां के खाद्य निरीक्षकों ने कहा कि उन्हें कुछ बर्गरों में घोड़े का मांस मिला है. इसके बाद ब्रिटेन, फ्रांस और स्वीडन जैसे देशों में भी कई तरह के फ्रोजन खानों में भी पूरी तरह घोड़े का मांस पाया गया.

लेकिन फ्रांस की सरकार का मानना है कि गाय के मांस के नाम पर पिछले छह महीने से घोड़े से मांस बेचा जा रहा था और ये मामला 750 टन मांस से जुड़ा है.

फ्रांस के कृषि मंत्री स्टेफान ली फोल का कहना है कि गाय का मांस बता कर अपने उत्पादों में घोड़े के मांस का इस्तेमाल करने पर स्पांगेरो कंपनी के लाइसेंस को निलंबति कर दिया है और मामले की जांच की जा रही है.

गड़बड़ी से इनकार

हालांकि स्पांगेरो ऊपर लगे आरोपों से इनकार करती है. उसका कहना है कि उसने हमेशा ऐसे मांस का इस्तेमाल किया है जिसे वो गोमांस समझती थी.

Image caption ये मामला 750 टन मांस से जुड़ा बताया जा रहा है

फ्रांस की कंपनी स्पांगेरो रोमानिया से मांस का आयात करती है और इसे कोमीगेल कंपनी को बेचती है जो लग्जमबर्ग में अपनी फैक्ट्री में इस मांस से तैयार फ्रोजन खाद्य उत्पाद बनाती है.

फ्रांस के उपभोक्ता मामलों के मंत्री बेनोइट हैमन का कहना है कि जब मांस रोमानिया से आता है तो उस पर साफ लिखा होता है कि वो घोड़े का है. लेकिन वहां से आने के बाद इस पर गाय के मांस का लेबल लगा दिया जाता है.

हैमन ने कहा, "मैं आपको बताना चाहता हूं कि इस जांच में क्या सामने आया है. हमें तथ्य मिले हैं. अब इस मामले को अदालत देखेगी. हम इस आधार पर जांच कर रहे हैं कि आर्थिक धांधली हुई है जिसमें स्पांगेरो भी जिम्मेदार है. ये भी देखा जाएगा कि इसमें कॉमीगेल किस तरह से शामिल है. जांच जितनी जल्दी हो, पूरी की जाएगी."

जांच में पता चलता है कि इसमें कुछ दोष कॉमीगेल कंपनी को भी दिया जाना चाहिए जो इससे फ्रोजन खाद्य पदार्थ बनाती है और उन्हें यूरोप भर में बेचती है.

स्पांगेरो कंपनी अपनी तरफ से किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार करती है.