लेखिका ने जीता 51 मिलियन डॉलर का हर्जाना

Image caption कॉर्नवेल बाइपोलर डिसॉर्डर यानी से ग्रस्त हैं. तस्वीर एपी

अमरीका की एक लेखिका ने 51 मिलियन डॉलर का हर्जाना जीता है. अपराध के विषयों पर लिखने वाली पैट्रिशिया कॉर्नवेल ने अपने वित्तीय प्रबंधकों पर आरोप लगाया था कि उनकी लापरवाही की वजह से कॉर्नवेल को बड़ा घाटा सहना पड़ा था.

मेसाच्यूसेट्स की एक अदालत ने फैसला सुनाया कि प्रबंधन 'फर्म एंचिन, ब्लॉक एंड एंचिन एलएलपी' की उपेक्षा की वजह से कॉर्नवेल को कई मिलियन डॉलर का नुकसान सहना पड़ा.

कार्नवेल ने मुकदमे में कहा था कि साल 2009 में उन्होंने अचानक पाया कि उनकी शुद्ध संपत्ति 13 मिलियन डॉलर से कम है जबकि पिछले चार सालों में उनकी आय आठ अंको में रही थी, यानी करोड़ों की थी.

फर्म का कहना है कि लेखिका के बैंक अकाउंट से पैसे की हेराफेरी नहीं हुई थी. उनका कहना है कि आर्थिक मंदी और कॉर्नवेल के खर्चीले स्वभाव की वजह से नुकसान हुआ था.

'न्याय की जीत'

अपनी शिकायत में कॉर्नवेल ने कहा कि एंचिन ने उनके नाम पर रियल एस्टेट और हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए कई मिलियन डॉलर का कर्ज ले लिया था.

कॉर्नवेल बाइपोलर डिसॉर्डर यानी द्विध्रुवी विकार से ग्रस्त हैं और ये बात उनके प्रबंधन फर्म को भी मालूम थी. इस तकलीफ की वजह से उनका लेखन इस बात पर निर्भर करता है कि उन्हें शांत माहौल मिले.

लेकिन जब कॉर्नवेल के घर पर काम चल रहा था और उन्हें दूसरे घर की ज़रूरत थी तब उनकी फर्म अस्थायी घर दिलवाने में असफल रही थी.

कॉर्नवेल ने कहा कि इसकी वजह से उनके काम में बाधा पड़ी थी और वो पहली बार किसी किताब को समय पर नहीं खत्म कर सकी थी.

इस वजह से उन्हें 15 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था.

समाचार एजेंसी एपी को कॉर्नवेल ने बताया, "वो मुझे अस्थिर कर देने वाला दौर था. मैं ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रही थी. मैं बिल्कुल भूल गई थी की मेरी किताब किस विषय पर है."

अदालत का फैसला सुनने के बाद कॉर्नवेल ने कहा, "ये न्याय की जीत हुई है, मेरा संकट का समय खत्म हआ है और ये मेरे लिए बहुत चैन की बात है."

संबंधित समाचार