अंतिम भाषण में पोप ने याद किए पुराने दिन

पोप बेनेडिक्ट 16 वें
Image caption पोप आखिरी बार लोगों को सार्वजनिक तौर पर संबोधित कर रहे थे.

रोम के सेंट पीटर्स स्क्वेयर पर हज़ारों समर्थकों की भीड़ हाथों में पोस्टर्स और बैनर्स लिए अपने चेहते पोप बेनेडिक्ट 16वें के अंतिम भाषण को दिल थाम कर सुन रही थी.

अतीत के कई मुश्किल और यादगार अनुभवों का जिक्र करते हुए पोप ने अपने अनुयायियों को धन्यवाद दिया और कहा कि वक्त हमेशा से आसान नहीं रहा पर ईश्वर सदैव उपस्थित था.

अपने भाषण में पोप ने कहा,“मैंने पूरी तरह से सोच समझकर इस्तीफा दिया है और मैं इसकी गंभीरता को समझता हूं”.

सेंट पीटर के आशीर्वाद का जिक्र करते हुए पोप ने कहा, "आनंद और प्रकाश के हमने कई लम्हे देखें और हमने मुश्किल समय का भी सामना किया. मुझे महसूस किया कि सेंट पीटर देवदूतों के साथ अपनी नौका में गैलीली के झील में हैं. ईश्वर ने हमें ढेर सारा प्रकाश दिया है."

साल 1415 में ग्रेगॉरी 12वें के पद छोड़ने के बाद 85 वर्षीय बेनेडिक्ट 16 वें इस्तीफा देने वाले पहले पोप हैं.

उत्तराधिकारी का चुनाव

पोप गुरुवार को सेवानिवृत्त हो जाएंगे. मार्च में एक सम्मेलन में बेनेडिक्ट 16वें के उत्तराधिकारी का चयन किया जाएगा. अपने अंतिम भाषण में बेनेडिक्ट 16वें ने समर्थकों की भीड़ से कहा,“मैं पोप की जिम्मेदारी का भार महसूस करने लगा था.”

लेकिन पोप ने भरोसा जताया कि ईश्वर उन्हें रास्ता दिखाएंगे. वैटिकन ने मंगलवार को कहा कि पोप बेनेडिक्ट 16वें पोप ‘एमिरट्स’ (ससम्मान अवकाश प्राप्त) या ‘रोमन पॉन्टिफ एमिरट्स’ कहे जाएंगे.

बेनेडिक्ट 16वें के पास अब कोई प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं रहेगी. अपने उत्तराधिकारी को चुनने के लिए होने वाली बैठकों में भी वे शिरकत नहीं कर सकेंगे. इन बैठकों में 80 साल से ज्यादा का कोई कार्डिनल भी शामिल नहीं हो सकेगा.

हालांकि ऐसी बैठकों में शामिल होने वाले 115 लोगों में से 67 की नियुक्ति बेनेडिक्ट 16वें ने ही की थी इसलिए उनके असर से इनकार नहीं किया जा सकता.

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