इराक़ पर अमरीकी युद्ध की 'छिपी सच्चाई' बताई: विकिलीक्स का मुखबिर

  • 1 मार्च 2013
Image caption मैनिंग ने 22 में से 10 आरोपों को अदालत में स्वीकार किया.

वेबसाइट विकीलीक्स को बड़ी संख्या में खुफिया दस्तावेज मुहैया कराने का आरोप झेल रहे अमरीकी सैनिक का कहना है कि वो इराक़ और अफगानिस्तान में युद्ध के औचित्य पर बहस कराना चाहते थे.

ब्रैडली मैनिंग पर सरकारी सूचनाओं के दुरुपयोग का मुकदमा चल रहा है, लेकिन उन्होंने अपने ऊपर लगे कई आरोपों से इंकार किया है.

मैनिंग को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब वो इराक में तैनात थे. अमरीका की सैन्य अदालत में सुनवाई के दौरान मैनिंग ने 22 आरोपों में से 10 में खुद को कसूरवार माना लेकिन ये नहीं माना कि वो देश के दुश्मनों की सहायता कर रहे थे.

बाद में सेना के एक न्यायाधीष ने उनके 'कसूरवार' होने की अनुनय को माना जिसके लिए मैनिंग को 20 साल तक की सज़ा हो सकती है.

सेना की भूमिका

मैनिंग ने अदालत में कहा, "मैं मानता हूं कि अगर ये दस्तावेज़ अमरीकी जनता के सामने होते तो इससे सेना की भूमिका और अमरीका की विदेश नीति पर एक सार्वजनिक बहस छिड़ सकती थी."

उन्होंने उस घटना का भी ज़िक्र किया जब इराक़ में एक हवाई हमले में रॉयटर्स समाचार एजेंसी के दो कर्मचारियों की मौत हो गई थी.

"मेरे लिए सबसे ज्यादा चिंताजनक बात ये थी कि किस आनंद के साथ हवाई दस्ते ने इस खूनी खेल को अंजाम दिया था. वो ऐसा था मानो बच्चे चींटियों को मैगनिफाइंग लेंस से सता रहे हों."

बीबीसी के वाशिंगटन संवाददाता पॉल ऐडम्स कहते हैं, "पहली बार इस युवा सैनिक को अदालत में कहने का मौका मिला कि उन्होंने वैसा क्यों किया था. उन्होंने 35 पन्ने का बयान पढ़ा जिसमें उन्होंने कहा कि उन गोपनीय दस्तावेज़ों को जारी करना ईराक और अफगानिस्तान युद्धों की 'छिपी सच्चाईयों' को उजागर करने के लिए ज़रूरी था."

ऐडम्स के मुताबिक मैनिंग के समर्थक उन्हें एक हीरो मानते हैं जिन्हें सेना क्रूर सज़ा दे रही है लेकिन अमरीकी सेना उन्हें एक देशद्रोही मानती है.

सबसे बड़ी लीक

मैनिंग पर कम से कम 72,000 से ज़्यादा गुप्त सरकारी सैन्य दस्तावेज़ों को अपने पास रखने और उन्हें सार्वजनिक करने का आरोप है.

मैनिंग की गिरफ्तारी तब हुई थी जब एक इंटरनेट हैकर अमरीकी अधिकारियों के सामने उन सबूतों के साथ पेश हुआ जिनमें मैनिंग ने दस्तावेज़ चोरी करने की बात स्वीकार की थी.

सरकारी प्रवक्ता पी जे क्राउली ने इसके विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और कई ब्रितानी नेताओं ने भी इसकी भर्त्सना की थी.

मैनिंग को 2010 जुलाई में क्वानटिको के सुरक्षित जेल में अकेले रखा गया था लेकिन अप्रैल 2011 के बाद उसे फोर्ट लेवनवर्थ के निचले सुरक्षा जेल में रखा गया है.

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