प्लेट में खाना छोड़ने वालों की खैर नहीं

खाने की बर्बादी
Image caption शु की मुहिम को जबरदस्त कामयाबी मिली

दावत किसी शादी में हो या फिर रेस्त्रां में, प्लेट में अक्सर कई लोग आधा खाना यूं ही छोड़ देते हैं.

पर अब चीन में ऐसी हिमाकत करनेवालों की खैर नहीं, क्योंकि चीन के शु चीचुन ने बीड़ा उठाया है प्लेट में खाना छोड़नेवालों को शर्मिंदा करने का.

एक ऑनलाइन मुहिम तहत शु चीचुन चीनी माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट 'वाइबो' पर ऐसे लोगों की फोटो पोस्ट करते हैं.

शु पहले व्यक्ति थे जिन्होंने वाइबो पर खाने की बर्बादी को रोकने वाली मुहिम शुरू की. अप्रैल 2012 में एक फोटो पोस्ट कर उन्होंने और लोगों को भी ऐसी पोटो पोस्ट करने को कहा.

पर काफी समय तक उनकी मुहिम ‘ऑपरेशन एम्पटी प्लेट’ को ज्यादा तवज्जो नहीं मिली.

लेकिन इसके बाद शु की मुहिम को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नए नेता शी जिनपिंग का समर्थन मिला. फिर तो ‘ऑपरेशन एम्पटी प्लेट’ के समर्थक बढ़ने लगे.

‘ऑपरेशन एम्पटी प्लेट’

शु आजकल चीन की राजधानी बीजिंग में रहते हैं लेकिन उनका बचपन चीन के पूर्वी चिंयागशु प्रांत के एक छोटे से गांव में बीता है और चावल के खेतों में वो अपने माता पिता के साथ खूब मेहनत किया करता थे. इसलिए वो उसके एक एक दाने का मोल जानते हैं.

शु बताते हैं, “मेरे माता पिता और दादा दादी ने मुझे सिखाया है कि खाने का पूरा आनंद उठाओ.”

फिलहाल वो बीजिंग में एक कृषि अखबार में काम करते है. जब वो बीजिंग गए तो उन्हें ये देख कर बहुत हैरानी हुई कि रेस्त्रांओं में ऐसी बहुत सी प्लेटें होती हैं जिनमें आधा खाना यूं फेंक दिया गया है.

जब उन्होंने जाना कि चीनी विश्वविद्यालयों के छात्र जितना खाना बर्बाद करते हैं, उससे हर साल एक करोड़ लोगों का पेट भरा जा सकता है, तो उन्होंने कुछ करने की ठानी.

अगले दस साल के लिए चीन की सत्ता संभालने वाले शी ने एक लेख में शु की मुहिम का जिक्र करते हुए लिखा, “ये (खाना) बर्बाद करने वाली आदतें तुरंत रोकनी होंगी.”

इस बयान का जिक्र चीन के सरकारी मीडिया में हुआ और सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र के पहले पन्ने पर ‘ऑपरेशन एम्पटी प्लेट’ का जिक्र किया गया.

एजेंडे के अनुरूप

Image caption शु की मुहिम को चीन सरकार का जबरदस्त समर्थन मिला है

सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग में राजनीतिशास्त्र के प्रोफेसर जोसेफ चेंग कहते हैं कि आम लोगों के बीच आदर्श व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए चीनी नेता हमेशा से कदम उठाते रहे हैं.

वो बताते हैं, “आज के नेताओं को पता है कि उन्हें लोगों का दिल जीतना है, खास कर ऐसे समय में जब उन्हें अपने नेतृत्व को स्थापित करना हो.”

इसके अलावा वाइबो पर एक और मुहिम को समर्थन मिल कर रहा है जिसका मकसद तस्करी कर चीन में लाए गए बच्चों को ढूंढना है. चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय ने लोगों से कहा है कि अगर उन्हें सड़कों पर भीख मांगता हुआ कोई बच्चा दिखे तो वे पुलिस को इसकी सूचना दें.

हालांकि सरकार उन ऑनलाइन मुहिमों को अनदेखा कर रही है जो उसके एजेंडे के अनुरूप नहीं होती हैं.

चीन में 40 करोड़ लोग वाइबो इस्तेमाल करते हैं जबकि एक अरब लोग मोबाइन फोन के जरिए जुड़े हुए हैं.

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