एक शख़्स ने हाथों से बना डाली 13 मीटर लंबी नाव

Image caption इटन को हाथों से ये नौका तैयार करने में आठ साल लगे.

अमरीका के फिलाडेल्फिया में जोनाह इटन नाम के एक शख्स ने अपने हाथों से 13 मीटर लंबी एक नाव बना डाली है.

पेशे से इंजीनियर इटन पर कुछ रचने का जुनून कुछ यूं सवार हुआ कि पिछले आठ सालों से उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा इस नौका को बनाने में ही लगा दिया. पांच साल तक तो लगातार वो इस परियोजना पर काम करते रहे. उनकी योजना अगली गर्मी में इसे समुद्र में उतारने की है.

इटन का ये प्रोजेक्ट बेहद कच्चे-पक्के तरीके से शुरु हुआ था. उनके माता-पिता काठ-कबाड़ लाते और वे इससे कुछ बनाने में जुट जाते.

किसी ने भी ये नहीं सोचा था कि वो नाव बनाने का काम इतनी गंभीरता से करने लगेंगे.

मज़ाक उड़ा

वो बताते हैं, "शुरु-शुरु में मेरे इस सपने के बारे में सुनकर मेरे भाई-बहन मेरा मजाक उड़ाया करते थे. वे कहते थे कि यह फालतू आइडिया है. बीस साल की उम्र में मुझे बीस सलाहें मिलती थीं. आज मेरी उम्र तीस की हो गई है और मेरे जीवन में तीस अच्छी बातें जुड़ गई हैं."

इटन दिन में इंजीनियरिंग के साथ क़ानून की पढ़ाई भी की थी.

वो दिन में वकालत करते और रात में अपनी नाव बनाने में जुट जाते थे.

वो कहते हैं, "बहुत संतोष होता है कि मैं अपनी लगन, कड़ी मेहनत और तकनीक की बदौलत एक जटिल सरंचना को बनाने में कामयाब रहा."

बोट बनाने के लिए वे लाइन ड्राइंग को इस कला का अहम हिस्सा मानते हैं और ध्यान रखते हैं कि इसके आरेख में कहीं कोई समकोण न हो और उसके बाद रात भर छीलना, काटना, घिसना और कठिन शारीरिक परिश्रम.

सपना

Image caption जोनाह पेशे से इंजीनियर हैं.

इस काम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भी उनका साथ दिया. कभी दिन में तो कभी रात में लोग आकर घंटों उनकी मदद करते रहे, लेकिन वो खुद लगातार इस परियोजना में लगे रहे.

अपने इस निर्माण कार्य को इटन दिवास्वप्न की तरह मानते थे जो अब हकीकत बन चुका है. वे कहते हैं, "ऐसा लगता है मैंने जिंदगी जीत ली है. मानो, मैं जोनाह इटन, दुनिया का सबसे सौभाग्यशाली व्यक्ति बन गया हूं."

कुछ रचने का सुख, संतोष और खुशी उनके चेहरे पर साफ़ नज़र आती है.

इटन और उनके माता-पिता अपनी इस नौका से सफर की शुरुआत अटलांटिक महासागर से करना चाहते हैं. वे चाहते हैं कि यह सफर अटलांटिक से चले और भूमध्यसागर में कहीं रुके.

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