पूर्व पत्नी की बदौलत ब्रितानी मंत्री जेल पहुंचे

क्रिस हून और विकी प्राइस
Image caption ये मामला सार्वजनिक होने की कहानी दिलचस्प है.

ब्रिटेन के पूर्व कैबिनेट मंत्री क्रिस ह्यून और उनकी पूर्व पत्नी विकी प्राइस को न्याय की राह में रोड़ा अटकाने के लिए आठ-आठ महीने जेल की सजा दी गई है.

मार्च 2003 में ह्यून और प्राइस को एक स्पीड कैमरे ने ज्यादा रफ्तार से गाड़ी चलाने के लिए पकड़ा था.

अभियोजन पक्ष का कहना है कि 12 मार्च और 21 मई 2003 के बीच प्राइस ने ह्यून को बचाने के लिए पुलिस को गलत सूचना दी कि गाड़ी वो चला रही थीं.

दरअसल हून पहले भी गाड़ी चलाने के मामले में कई बार गलतियाँ कर चुके थे और अगर पुलिस ने उन्हें गाड़ी तेज चलाने के लिए पकड़ा होता तो उनका लाइसेंस रद्द हो सकता था.

लेकिन मामले के सामने आने के बाद ह्यून और प्राइस को सजा दी गई है. पुलिस को गलत सूचना देने पर राजी होने के लिए प्राइस को सजा दी गई.

ये बात सार्वजनिक होने के बाद ह्यून को सांसद के पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

बदला

ये मामला सार्वजनिक होने की कहानी दिलचस्प है.

दरअसल ह्यून और विकी प्राइस के बीच तलाक के बाद 60 वर्षीय प्राइस अपनी कहानी लेकर एक अखबार के पास पहुँची थीं.

अभियोजन पक्ष के मुताबिक जब प्राइस को ह्यून के एक महिला के साथ संबंधों के बारे में पता चला तो उन्होंने इस मामले को सार्वजनिक करने के बारे में सोचा.

प्राइस एक अर्थशास्त्री हैं. सुनवाई के दौरान जज ने प्राइस को एक ‘चालाक’ और ‘कुटिल’ महिला बताया.

जज के मुताबिक इस मामले को अखबार के माध्यम से सार्वजनिक करने का कदम एक खतरनाक हथियार था क्योंकि दोनो ने ही कानून तोड़ा था.

जज ने पूर्व ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन मंत्री हून से कहा कि वो इस अपराध के लिए ज्यादा दोषी हैं.

एक अखबार से बात करते हुए ह्यून ने उम्मीद जताई कि प्राइस को जल्दी ही छोड़ दिया जाएगा.

ह्यून ने कहा, “मैं नहीं चाहता था कि वो जेल जाएँ. बदले की भावना आपको खोखला बना देती है.”

अपने पूर्व कैबिनेट साथी को जेल की सजा दिए जाने पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा, “ये सभी के लिए चैतावनी है कि चाहे आप जितने भी ताकतवर हों, आप इंसाफ की परिधि से दूर नहीं हैं.”

अदालत में ह्यून अपनी साथी करीना ट्रिमिंघम के साथ पहुँचे. वर्ष 2010 में करीना के लिए ह्यून ने प्राइस को छोड़ दिया था.

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