अमरीकी राज्य में गर्भपात पर रोक की तैयारी

Image caption सिनेटर बेटे ग्रांडे सदन की मानव सेवा समिति के समक्ष बयान देती हुईं

अमरीका के उत्तरी डकोटा सूबे की संसद ने गर्भपात पर रोक लगा दिया है.

उत्तरी डकोटा के सांसदो ने इस प्रस्ताव को पारित कर दिया है कि गर्भ ठहरने के छह हफ़्ते बाद, या जब उसके दिल की धड़कन सुनाई देने लगे तो उसके बाद राज्य में गर्भपात पर प्रतिबंध लागू होगा.

सांसदो ने उस प्रस्ताव को भी मंज़ूरी दे दी है जिसमें गर्भ में किसी तरह का आनुवांशिक दोष पाए जाने पर गर्भपात की इजाज़त नहीं होगी. इस तरह के दोष को डाउन सिंड्रोम के नाम से जाना जाता है.

गर्भपात के समर्थक और महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्थाएं इसे असंवैधानिक और बहुत सख़्त क़दम बता रहे हैं. उन्होंने राज्य के गर्वनर से इसे स्वीकृति नहीं देने की मांग की है.

पारित हुए दोनों बिलों को गवर्नर के हस्ताक्षर का इंतज़ार है.

विधेयक पास होने के बाद एक सासंद ग्रांडे ने कहा, “बच्चों के लिए ये एक अच्छा दिन है.”

विरोध तेज

राज्य के गवर्नर रिपब्लिकन जैक डलरिमपेल सामान्यतः गर्भपात का विरोध करते हैं लेकिन उन्होंने अब तक विधेयक पर हस्ताक्षर करने के बारे में कुछ नहीं कहा है.

अमेरिकन सिविल लिबर्टीज़ यूनियन के कार्यकारी निदेशक एन्टोनी रोमेरो ने गवर्नर से इस विधेयक पर रोक लगाने की अपील की है.

उन्होंने कहा, “हम गवर्नर से गुहार लगाते हैं कि वो इस खतरनाक प्रतिबंध को वीटो कर दें और इस निहायत जटिल और निजी फ़ैसले को राजनीतिज्ञों के हाथों से छीनकर वापस महिला, उसके परिवार और डॉक्टरों के हाथ में छोड़ दें, जो इसकी सही जगह है.”

साल 1973 में अमरीकी उच्चतम न्यायायलय ने फ़ैसला दिया था कि जब तक भ्रूण जीने योग्य नहीं हो जाता, सामान्यतः 22 से 24 हफ़्ते माना जाता है, तब तक गर्भपात कानूनी है.

अमरीका में गर्भपात एक संवेदनशील मुद्दा रहा है.

पूरे अमरीका में गर्भपात कानूनों पर नज़र रखने वाले गुटमोखेर इंस्टीट्यूट के प्रवक्ता के अनुसार गर्भपात को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की कोशिशें की गई हैं जो पूरी तरह असफल हो गईं.

वो कहते हैं, “इसलिए अब कोशिशें हो रही हैं कि जितनी जल्दी हो सके इस पर प्रतिबंध लगा दिया जाए.”

डॉक्टर को होगी सज़ा

इससे पहले अरकासांस ने इसी महीने 12 हफ़्ते के गर्भ को, अगर पेट के अल्ट्रासाउंड से उसमें धड़कन का पता चल जाता है, गिराने पर प्रतिबंध लगाया था.

उत्तरी डकोटा ने ये नहीं बताया है कि भ्रूण की धड़कन का पता कैसे लगाया जाएगा.

धड़कन मिलने के बावजूद गर्भपात करने वाले डॉक्टरों को पांच साल तक की कैद और 5,000 डॉलर तक जुर्माना हो सकता है.

गर्भपात करवाने वाली महिला पर कोई कार्रवाई नहीं होगी.

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