क्यों बंद कर दिया कंडोम वाला विज्ञापन?

  • 21 मार्च 2013
कंडोम
Image caption कीनिया में करीब 16 लाख लोग एचआईवी-एड्स से पीड़ित हैं.

धार्मिक नेताओं की आपत्ति के बाद कीनिया में कंडोम के इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाले एक विज्ञापन को टीवी पर दिखाना बंद कर दिया गया है.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉक्टर पीटर चेरूटिच ने बताया कि इस्लामी और ईसाई धर्म गुरुओं का कहना था कि यह विज्ञापन एचआईवी और एड्स से बचाव के लिए सुरक्षित सेक्स को बढ़ावा देने से अधिक अधर्म को भी बढ़ावा देने वाला है.

सरकार की ओर से प्रायोजित इस विज्ञापन में शादी के बाहर यौन संबंध रखने वाली एक महिला ने कंडोम के इस्तेमाल की सलाह दी है.

डॉक्टर चेरूटिच ने बताया कि यह विज्ञापन इसलिए शुरू किया गया, क्योंकि देश के 30 फ़ीसदी शादीशुदा जोड़ों के शादी के बाहर भी यौन संबंध हैं.

एचआईवी-एड्स का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र के मुताब़िक कीनिया की चार करोड़ सोलह लाख की आबादी में क़रीब सोलह लाख लोग एचआईवी से पीड़ित हैं.

कीनिया के एक अख़बार ने एंग्लिकन चर्च के बिशप जूलियस कालू के हवाले से कहा है कि प्राइम टाइम में टीवी चैनलों पर दिखाया जा रहा यह विज्ञापन विवाहेत्तर संबंधों और विद्यार्थियों में सेक्स को बढ़ावा देता है.

अखबार से उन्होंने कहा, ''समाज को अच्छी जानकारियां देने के और भी रास्ते हैं. लेकिन यह निश्चित रूप से असफल हो गया है.''

बिशप कालू कहते है, ''यह अनैतिकता को खुलेआम बढ़ावा देता है, वह भी तब जब परिवार के सभी सदस्य ख़बरें देखने के लिए टीवी के सामने बैठे होते हैं.''

बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में पीटर चेरूटिच ने कहा कि जब यब विज्ञापन वापस ले लिया गया तो, उन्होंने ख़ेद नहीं जताया क्योंकि यह विज्ञापन एचआईवी-एड्स का प्रसार रोकने के लिए लोगों को कंडोम का प्रयोग करने की सलाह देता है.

विवाहेत्तर संबंध

कीनिया नेशनल एड्स और यौन संबंधों से फैलने वाले संक्रमण को रोकने वाले कार्यक्रम के उप निदेशक डॉक्टर पीटर चेरूटिच ने बताया कि एक सर्वेक्षण से पता चला है कि 20-30 फ़ीसदी विवाहित जोड़ों के विवाहेत्तर संबंध हैं. इनमें से अधिकांश लोग कंडोम का इस्तेमाल नहीं करते हैं.

कीनियाई मुस्लिमों के संगठन, कीनिया के इमामों और प्रचारकों की परिषद (सीआईपीके) ने भी एक मिनट के इस विज्ञापन को दिखाने के लिए टीवी चैनलों की आलोचना की है.

नैरोबी स्थित बीबीसी संवाददाता एनी साय कहती हैं कि इन धार्मिक नेताओं के बहुत से रूढ़ीवादी समर्थकों ने इस विज्ञापन का विरोध किया.

उन्होंने बताया कि बहुत से अभिभावकों ने कहा कि इस विज्ञापन को बच्चों के साथ देखना बहुत ही शर्मनाक है, जब यह विज्ञापन टीवी पर आता था तो वे चैनल बदल देते थे.

यह विज्ञापन कीनिया में पिछले कई सालों से चलाए जा रहे एचआईवी-एड्स विरोधी अभियान का एक हिस्सा था.

इस विज्ञापन अभियान को कीनिया स्वास्थ्य मंत्रालय, अमरीका और ब्रिटेन ने प्रायोजित किया है.

कीनिया की 70 फ़ीसदी से अधिक आबादी ईसाई है. इनमें मुसलमान दूसरे नंबर पर आते हैं.

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