ईरान पर हमला हुआ तो इसराइल को तबाह कर देंगे: ख़मेनेई

  • 22 मार्च 2013
आयतुल्लाह ख़ामनेई, (फाइल पिक्चर)
Image caption ख़ामनेई का ये बयान ओबामा के इसराइल दौरे के समय आया है.

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली ख़मेनेई ने ईरानी नए साल 'नौरोज़' के अवसर पर राष्ट्रीय टेलीविज़न पर राष्ट्र के नाम अपने संदेश में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान पर हमला होता है तो तेलावीव और हाइफ़ा जैसे इसराइल के प्रमख शहरों को निशाना बनाया जाएगा और उन्हें पूरी तरह बर्बाद कर दिया जाएगा.

अपने संदेश में ख़ामनेई ने कहा, ''यहूदी राष्ट्र के नेता हम पर सैन्य हमले करने की धमकी देते हैं. मैं समझता हूं कि वो जानते हैं और अगर नहीं जानते तो उन्हें जानना चाहिए कि अगर वो ये ग़लती करेंगे तो ईरान तेलावीव और हाइफ़ा को मटियामिट कर देगा.''

उन्होंने ये भी कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में अमरीका के साथ सीधी बातचीत के नतीजों के बारे में उन्हें ज़्यादा उम्मीद नहीं है.

ख़ामनेई का ये बयान इसराइली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू के उस बयान के अगले दिन आया है जिसमें नेतन्याहू ने कहा था कि ईरान की तरफ़ से किसी भी संभावित ख़तरे को देखते हुए इसराइल अपने बचाव के लिए कोई भी क़दम उठा सकता है.

इसराइल-अमरीका

इसराइली दौरे पर गए अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी कुछ इसी तरह की बात की थी और इसराइल को अमरीका का सबसे बड़ा दोस्त क़रार दिया था.

ओबामा ने ईरान के बारे में कहा था, ''हम दोनों अपने फ़ैसले पर एकजुट हैं यानी ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा. हम इस समस्या को राजनयिक स्तर पर बातचीत के ज़रिए हल करना चाहते हैं और उसके लिए अभी समय है.''

ओबामा ने ये भी कहा कि ईरानी नेताओं को ये समझना चाहिए कि उन्हें अपनी अंतरराष्ट्रीय ज़िम्मेदारी निभानी होंगी.

बुधवार को यरूशलम में इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के साथ मुलाक़ात के बाद ओबामा ने कहा था कि वो ईरान को दुनिया का सबसे ख़तरनाक हथियार हासिल करने से रोकने के लिए कुछ भी कर सकते हैं.

ईरान हमेशा से कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है जबकि अमरीका और दूसरे पश्चिमी देश का आरोप है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की तैयारी कर रहा है.

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