मीर खोसो बने पाकिस्तान के कार्यवाहक पीएम

Image caption मीर हज़ार खोसो के नेतृत्व में ही पाकिस्तान में आम चुनाव कराए जाएंगे

पाकिस्तान में अवकाश प्राप्त न्यायाधीश मीर हजार खोसो को पाकिस्तान का कार्यवाहक प्रधानमंत्री मनोनीत किया गया है.

देश के निर्वाचन आयोग द्वारा मनोनीत खोसो देश में 11 मई को होने वाले आम चुनाव संचालित कराएंगे.

चुनाव आयोग के चार सदस्यों की बैठक के बाद खोसो का नाम कार्यवाहक प्रधानमंत्री के लिए चुना गया.

84 वर्षीय खोसो बलूचिस्तान प्रांत के जाफराबाद जिले में गोठ आज़म खान से संबंध रखते हैं और वो बलूचिस्तान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

उन्होंने 1954 में सिंध विश्वविद्यालय से स्नातक और दो साल बाद कराची विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की.

ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो की सरकार के आखिरी दिनों यानी 20 जून 1977 में वो बलूचिस्तान उच्च न्यायालय के अस्थायी जज बने. उन्हें जिया उल हक ने स्थायी जज बनाया और एक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर 29 सितम्बर 1991 को वे सेवानिवृत्त हुए.

सेवानिवृत्ति के एक महीने से भी कम समय में संघीय शरिया अदालत के जज बन गए और नवाज़ शरीफ़ के दौर में 17 नवम्बर 1992 को संघीय शरिया अदालत के मुख्य न्यायाधीश बने.

निष्पक्ष चुनाव प्राथमिकता

कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किए जाने के बाद मीर हजार खान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव उनकी पहली प्राथमिकता है और वो कार्यवाहक सरकार का कार्यकाल नहीं बढ़ाने देंगे.

पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़), मुस्लिम लीग काफ, जमाते इस्लामी, तहरीके इंसाफ और जमीअत उलेमा इस्लाम के प्रमुखों ने जस्टिस मीर हजार खान खोसो को देश का कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त करने के फैसले को स्वीकार्य बताया है.

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