श्रीलंका: बौद्ध भिक्षुओं ने जलाई मुसलमान की दुकान

srilankan buddhist attack
Image caption बौद्ध भिक्षुओं के कट्टरपंथी गुट की आलोचना करने वाले उन पर शुद्ध नस्लवादी होने का आरोप लगाते हैं.

बीबीसी को मिली जानकारी के अनुसार श्रीलंका की राजधानी, कोलंबो में बौद्ध भिक्षुओं के नेतृत्व में सैंकड़ों की संख्या में लोगों ने एक मुस्लिम कपड़े की दूकान पर हमला बोल दिया. बताया जा रहा है कि अचानक हुए इस हमले में कई स्थानीय लोग घायल हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार सिंहली बहुमत वाले बौद्ध भिक्षुओं का कट्टरपंथी गुट काफी समय से वहां रह रहे मुसलमानों के रहन-सहन और पहनावे की शैली पर अपनी आपत्ति जताता आया है.

उधर हिंदूवादी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इन बौद्ध भिक्षुओं द्वारा उठाए गए मुद्दों का समर्थन किया है.

अभियान

श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के इस इलाके में मुसलमानों के खिलाफ इस गुट ने अभियान चला रखा है. बताया जा रहा है कि श्रीलंका में मुसलमानों की आबादी यहां की आबादी का करीब नौ प्रतिशत है. बौद्ध भिक्षुओं के कट्टरपंथी गुट ने कपड़े की एक दुकान पर हमले के अलावा राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित फैशन बग, जो कि इस इलाके में लोकप्रिय परिधानों का जाना-माना गोदाम है, उसे भी अपना निशाना बनाया. इस गोदाम और दुकान पर पत्थरों से हमला करते हुए बौद्ध भिक्षुओं के गुट की तस्वीरें भी ली गई है. दुकान पर हमला करने वाली 500 लोगों की भीड़ का नेतृत्व करने वाले बौद्ध भिक्षुओं ने दुकान के मालिक के साथ गाली-गलौज भी किया.

पत्रकारों से भी भय नहीं

इन भिक्षुओं को इस गाली-गलौज और पत्थरबाजी को रिकार्ड कर रहे पत्रकारों से कोई भय नहीं था. बल्कि उन्होंने अपनी हरकतें यूं जारी रखीं ताकि ये पत्रकार सब कुछ कवर कर लें. दूकान पर हुए इस हमले में करीब छह लोग घायल हो गए. कहा जा रहा है कि इस कट्टरपंथी बौद्ध समूह को कुछ प्रभावशाली दबंग नेताओं से शह मिली हुई है. इसी शह के बल पर यह समूह कई सप्ताह से अल्पसंख्यक मुसलमानों के खिलाफ किसी न किसी तरीके से अभियान चलाए हुए है. इन अल्पसंख्यक मुसलमानों पर चरमपंथी होने का भी आरोप लगाया गया है. हालांकि, चरमपंथी होने के आरोप का मुसलमानों ने खंडन किया है.

नाजीवादी शैली

इन बौद्ध भिक्षुओं को मुसलमानों से कई शिकायतें हैं. उन्हें न सिर्फ इनके खान-पान के तरीके पसंद नहीं, बल्कि मुस्लिम महिलाओं के पहनावे से भी शिकायतें हैं. यही नहीं, मुस्लिम परिवारों में सदस्यों की लंबी-चाड़ी संख्या भी उन्हें फूटी आंखों नहीं सुहाती. बौद्ध धर्म के इन कट्टर अनुनायियों की आलोचना करने वाले उन पर नस्लवादी होने का आरोप लगाते हैं. इन आलोचकों ने इस ताजे हमले पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि कट्टर बौद्ध अनुनायियों द्वारा मुसलमानों की दुकानों पर हो रहे ये हमले नाजीवाद की याद दिलाते हैं.

आरएसएस का समर्थन

उधर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रवक्ता राम माधव ने अपने ब्लॉग में बौद्ध भिक्षुओं द्वारा उठाए गए मुद्दों का समर्थन किया है.

उन्होंने कहा कि श्रीलंका में मुस्लिम जनसंख्या और प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है.

राम माधव के मुताबिक इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाकर संगठन बोदू बाल सेना (बीबीएस) श्रीलंका के बौद्धों का ध्यान खींचने में सफल हो चुका है और इससे भविष्य में मुसलमानों और सिंहलियों के बीच तनाव पैदा हो सकता है.

उन्होंने कहा कि बर्मा और बांग्लादेश के बाद श्रीलंका में भी मुस्लिम विरोधी लहर यकीनन भारतीय गुप्तचर एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है.

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