पूर्व अमरीकी सैनिक भी लड़े थे सीरिया में

सीरिया
Image caption सीरिया में पिछले दो साल से गृह युद्ध जारी है.

तीस साल के एरिक हारून ने अमरीकी सेना में साल 2000 से 2003 तक काम किया था. लेकिन अमरीका के इस पू्र्व सैनिक पर सीरिया में विद्रोहियों का साथ देने और सीरियाई सेना के ख़िलाफ़ युद्ध में शामिल होने के आरोप लग रहे हैं.

अमरीकी अभियोजन पक्ष के अनुसार एरिक हारून ने सीरिया में अल-नुसरा फ़्रंट के साथ मिलकर सीरियाई सेना के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी थी.

अमरीका के अनुसार अल-नुसरा फ़्रंट चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा का एक सहयोगी गुट है जो इराक़ में सक्रिय है.

अमरीका एक तरफ़ तो सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद पर सत्ता छोड़ने के लिए दबाव डाल रहा है लेकिन दूसरी तरफ़ सीरिया में चरमपंथी संगठनों के सक्रिय होने पर भी अमरीका ने चिंता जताई है.

गत दिनों अमरीका लौटते ही एरिक हारून को गिरफ़्तार कर लिया गया था.

एरिक हारून पर लगे आरोप अगर साबित हो जाते हैं तो अमरीकी क़ानून के अनुसार उन्हें उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई जा सकती है.

हारून पर लगे आरोप के अनुसार वे जनवरी 2013 में सीरिया की सीमा में दाख़िल हुए और नुसरा फ़्रंट के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी.

हारून पर 'अमरीका के बाहर महाविनाश के हथियार इस्तेमाल करने की साज़िश रचने' के आरोप लगाए गए हैं.

अमरीका का ये क़ानून दुनिया भर में कहीं भी रहने वाले अमरीकी नागरिक पर लागू होता है.

हारून को 2003 में एक कार दुर्घटना के बाद मेडिकल कारणों से सेना से हटा दिया गया था. सेना से हटाए जाने के बाद वो आरिज़ोना में रह रहे थे.

लेकिन बाद में वो सीरिया चले गए और वहां सरकारी सेना के ख़िलाफ़ जारी लड़ाई में हिस्सा लिया.

असद को चुनौती

उन्होंने सोशल मीडिया पर भी हथियार लिए हुए अपनी तस्वीरें अपलोड की. हारून सीरिया में चल रहे युद्ध के बारे में बने दो वीडियो में भी देखे जा सकते हैं.

एक वीडियो में हारून कह रहें हैं, ''बशर अल-असद आपके दिन अब गिने हुए हैं. आप जहां भी जाएं, हम आपको खोज निकालेंगे और आपको मार देंगे.''

इससे पहले भी सीरिया पर छपे तीन लेख में उनका उल्लेख है.

मार्च 2013 में अमरीकी संस्था एफ़बीआई ने इस्तांबुल स्थित अमरीकी वाणिज्य दूतावास में हारून से पूछताछ की थी.

एफ़बीआई के अधिकारियों के अनुसार हारून ने उन्हें बताया था कि वो सीरियाई सरकार के ख़िलाफ़ लड़ना चाहता है और उसी दौरान हारून ने कथित तौर पर स्वीकार भी कर लिया था कि वे अल-नुसरा फ़्रंट के साथ मिलकर लड़ाई में शामिल हैं.

बुधवार को अमरीका लौटने के बाद हवाईअड्डे पर हारून ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि अल-नुसरा फ़्रंट को अमरीका ने एक चरमपंथी संगठन क़रार दिया है.

हारून गुरूवार को अदालत में पेश किए गए और जल्द ही उनके लिए एक वकील नियुक्त किया जाएगा.

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