जब दुनिया भर का सोना एक जगह हो

  • 1 अप्रैल 2013
दुनिया भर में कितना सोना है
Image caption एक आकलन के अनुसार पूरी दुनिया का सारा सोना- धरती से ऊपर पाया जाने वाला- मात्र 20 मी.(67 फीट) लंबाई वाले घन में समा सकता है.

कल्पना कीजिए कि आप एक सुपर-डुपर खलनायक हैं और आपने पूरी दुनिया के सोने को अपने कब्जे में कर लिया है. और अब आप इस फिराक में हैं कि सारे सोने को गला कर एक क्यूब की शक्ल दे दी जाए. ताकि छिपाने में सहूलियत हो.

अगर सारे सोने को गला कर एक क्यूब में ढाल दिया जाए तो, सोचिए ये क्यूब कितना बड़ा बनेगा? क्या इसका आकार सैंकड़ों, हजारों या इससे भी ज्यादा बड़े क्यूबिक मीटर का होगा? नहीं. हकीकत इससे बिलकुल उलट है. ऐसी किसी भी लंबाई-चौड़ाई के आकार का क्यूब नहीं बनेंगा. सवाल है, कैसे? वारेन बफेट, जो दुनिया के सबसे धनवान निवेशक माने जाते हैं, का दावा है कि पूरी दुनिया का सारा सोना- मतलब धरती से ऊपर पाया जाने वाला- मात्र 20 मी.(67 फीट) लंबाई वाले घन में समा सकता है.

दावा सही?

इस संदर्भ में सोने की मात्रा का सालाना सर्वेक्षण करने वाले थॉम्सन रॉयटर्स जीएफएमएस के आकलन को लगभग व्यापक स्तर पर सभी निवेशक प्रमाणिक मानते हैं.

दुनिया भर के सोने की कुल मात्रा के बारे में उनका ताज़ा आकलन कुछ यूं है. जीएफएमएस के अनुसार सोने की कुल मात्रा 171,300 टन है. यह मात्रा हमारे सुपर विलेन की कल्पना के क्यूब से बेहद मिलती-जुलती है. 171,300 टन के वजन वाले इस सोने से यदि एक क्यूब बनाई जाए तो यह लगभग 20.7 मीं (68 फीट) की भुजा वाला क्यूब बनेगा.

मगर जीएफएमएस के इस आकलन से हर कोई इत्तेफ़ाक नहीं रखता. दुनिया भर में इससे संबंधित जो विभिन्न आकलन किए गए हैं वे जीएफएमएस के आंकड़े से छोटे, करीब 155,244 टन से लेकर लगभग 16 गुणा ज्यादा- 25 लाख टन तक हैं.

आंकड़े अलग-अलग क्यों?

Image caption तूतनखमेन की कब्र में मौजूद सोने की इस ताबूत का वजन 1.5 टन है. ऐसे ताबूतों की संख्या अनगिनत हैं.

सोने का इतिहास तलाशने वाले टिमोथी ग्रीन के अनुसार इसकी एक वजह यह हो सकती है कि सोने को जमीन से निकालने (खनन) का काम अब से लगभग 6,000 साल पहले से किया जा रहा है. 550 साल ईसा पूर्व तुर्की के एक आधुनिक प्रांत में लिडा के राजा क्रोएसस के शासनकाल में सोने का पहला सिक्का ढाला गया था. तब से 1492 ई. यानि कोलंबस की अमरीका यात्रा तक, जीएफएमएस के आकलन के अनुसार धरती से 12,780 टन सोना निकाला गया. मगर एक निवेशक, गोल्ड मनी के संस्थापक, जेम्स तुर्क का कहना है कि सोने की मात्रा से संबंधित यह आंकड़ा अनुमानों से कहीं ज्यादा है.

उनके अनुसार ज्यादा सही आंकड़ा मात्र 297 टन का है. मगर इसके विपरीत सच्चाई ये है कि कई ऐसे विद्वान हैं जो इन दोनों आकलन को सही नहीं मानते. स्कायल्स के अनुसार आज भी चीन अपने सोने के भंडार के बारे में ‘सही जानकारी’ नहीं देता. जहां तक दूसरे देशों का सवाल है, जैसे कि कोलंबिया, उनके अनुसार, “यहां बड़े पैमाने पर सोने की अवैध खुदाई जारी है.” एक जानी मानी संस्था, जिसका नाम ‘गोल्ड स्टैण्डर्ड इंस्टीच्यूट’ है, ने सोने की मात्रा से संबंधित कई आकलन किए हैं. इस संस्था के विशेषज्ञों का मानना है, “यदि हम सारी दुनिया के बैंकों और ज्वेलरी बॉक्सों को खाली कर दें तो भी हमारे पास मात्र 25 लाख टन सोना ही होगा.”

कौन सही है?

Image caption जमीन के भीतर अभी भी बहुत सोना छिपा है. जैसे कि यहां डेमोग्राफिक कांगो रिपब्लिक में.

कुछ कहा नहीं जा सकता. हम तो बस यही कह सकते हैं कि ये आकलन कई आकलनों को जोड़कर फिर उसमें कई और आकलनों को मिला कर बनाया गया एक आकलन है. अफसोस फिर भी ये आकलन कहीं नहीं पहुंचता. अच्छी खबर ये है कि नजदीकी भविष्य में हमारे सोने का भंडार खत्म नहीं होने वाला. अमरीका के भूवैज्ञानिकों के अनुसार ज़मीन के नीचे सोने की खानों में अभी भी हमारे पास करीब 52,000 टन सोना उपलब्ध है. यही नहीं, सोने की और खानों के मिलने की संभावनाएं बरकरार हैं. मगर एक बुरी खबर भी है. वह बुरी खबर ये है कि सोने का उपयोग बदल रहा है. उसकी रीसायक्लिंग हो रही है. जेम्स तुर्क कहते हैं, “दुनिया भर में प्राचीन काल से अब तक धरती से जितना सोना निकाला गया है वह अभी भी जमीन से ऊपर मौजूद सोने के भंडार में मौजूद है. इसका मतलब ये है कि अगर आपके पास सोने की कोई घड़ी है, तो इसका सोना कोई नया सोना नहीं होगा. बल्कि 2,000 साल पहले रोम के लोगों द्वारा जमीन से खोद कर निकाला गया सोना है. ”

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