चर्चिल की 'एकमात्र कविता' की नीलामी

विंस्टन चर्चिल
Image caption विंटस्न चर्चिल ने जब यह कविता लिखी थी तो वे सेना में काम करते थे.

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल की एकमात्र ज्ञात कविता को लंदन का नीलामी घर बॉनहॉम नीलाम करेगा.

उम्मीद की जा रही है कि उनकी यह कविता क़रीब 15 हज़ार पाउंड या क़रीब साढ़े 12 लाख रुपए में नीलाम होगी.

'ऑवर मार्डन वाचवर्ड्स' नाम की यह कविता 40 लाइनों की है.

विंस्टन चर्चिल ने यह कविता 20 साल की उम्र में 1899 या 1900 में लिखी थी.

चर्चिल उस समय सेना के लिए काम कर रहे थे और विदेश में तैनात थे.

पुरस्कार भी जीता

पूर्व कवि एंड्रूय मोशन ने चर्चिल की इस कविता को एक ऐसी कविता के रूप में वर्णित किया है, जिसमें लय नहीं है.

पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री जब हैरो स्कूल में पढ़ रहे थे, तो उन्होंने कविता का पुरस्कार जीता था.

सेना के कागज पर नीले रंग की पेंसिल से लिखी इस कविता में दस-दस लाइनों के चार पद हैं. हर पद के अंत में ब्रितानी साम्राज्य के एक दूरस्थ जगह का नाम दिया गया है.

इस कविता में जिन शहरों के नाम लिए गए हैं, उनमें पूर्वी चीन के शहर वाई-हाई-वाई का नाम भी है, अब इसे वेईहेई के नाम से जाना जाता है. चर्चिल की कविता में नाइजीरियाई शहर सोकोटो का भी नाम है.

इस कविता की खोज पांडुलिपियों के एक पूर्व व्यापारी रॉय डेविड ने की थी. उन्होंने कहा,''ऐसा माना जाता है कि विश्वसनीयता, लयबद्धता का अभाव और क्रियाशीलता पुराने जमाने की भावनाएं हैं.''

बॉनहॉम के मुताबिक़ चर्चिल की कविता की एक पंक्ति 'ब्रेथ देयर दी मैन', स्कॉटिश कवि वॉल्टर स्कॉट की एक कविता से ली गई है.

सर विंस्टन चर्चिल 1895 में सेना की चौथी हुसार्स में शामिल हुए थे. उन्हें 1896 में भारत भेजे जाने से पहले क्यूबा भेजा गया था. उन्होंने 1899-1900 के दौरान हुए बोअर युद्ध में भी भाग लिया था.

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