कोरिया संकट: चीन और अमरीका साथ-साथ

जॉन केरी
Image caption चीनी प्रधानमंत्री के साथ जॉन केरी

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी इस समय चीन में हैं. उनके दौरे पर चीन ने एक बयान जारी कर कहा है कि परमाणु मुद्दा 'सभी पार्टियों की साझा ज़िम्मेदारी' है.

केरी ने कहा कि दोनों पक्षों को बहुत जल्द ये फ़ैसला करना होगा कि इस मुद्दे को कैसे सुलझाया जाए.

उत्तर कोरिया ने कुछ ही दिनों पहले परमाणु हमले की धमकी दी थी और ऐसा माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया एक और मिसाइल परीक्षण की तैयारी कर रहा है.

हाल के दिनों में उत्तर कोरिया ने जिस तरह के बयान दिए हैं उनसे इस बात की आशंका व्यक्त की जा रही है कि उत्तर कोरिया संभवत: 15 अप्रैल को मिसाइल परीक्षण करेगा.

उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल-सुंग का 101वां जन्मदिन 15 अप्रैल को मनाया जा रहा है.

इसी साल यानी 2013 के फ़रवरी में संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाए थे जिसके बाद उत्तर कोरिया ने परमाणु रिएक्टर को दोबारा चालू करने की घोषणा की थी.

इसके अलावा उत्तर कोरिया ने आपात स्थिति में दक्षिण कोरिया से हॉटलाइन के ज़रिए संपर्क करने की सुविधा भी बंद कर दी थी.

उसने दूसरे देशों के राजनयिक अधिकारियों को भी ये कहते हुए देश छोड़ने की सलाह दी थी कि वो उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं ले सकता है.

जानकारों का मानना है कि हाल के दिनों में उत्तर कोरिया के ज़रिए उठाए गए क़दम उनके नेता किम जॉन-उन की लोकप्रियता को बढ़ाने का एक तरीक़ा भी हो सकता है जो पिछले साल 2012 में सत्ता में आए थे.

अमरीका-चीन प्रतिबद्ध

शनिवार को चीन की राजधानी बीज़िग पहुंचे अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग और विदेश मंत्री वॉंग ई से मुलाक़ात की.

मुलाक़ात के बाद केरी ने कहा कि दुनिया एक नाज़ुक समय से गुज़र रही है और उसे ढेर सारी चुनौतियां का सामना है.

केरी ने कहा, ''उन चुनौतियों में कोरियाई संकट एक है लेकिन ईरान, सीरिया, मध्यपूर्व और दुनिया भर में कई देशों की आर्थिक मंदी भी बड़ी चुनौती हैं.''

केरी ने बाद में एक बयान जारी कर कहा, ''शांतिपूर्ण तरीक़ा अपनाते हुए कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारो से मुक्त करने के लिए अमरीका और चीन संयुक्त रूप से प्रतिबद्ध है.''

इस मौक़े पर चीनी विदेश मंत्री वॉग ई ने कहा, ''कोरियाई परमाणु संकट को सही तरीक़े से हल करने में सभी पक्षों की भलाई है. ये सभी पक्षों की साझा ज़िम्मेदारी भी है.''

चीन, उत्तर कोरिया का अकेला साथी और व्यापारिक सहयोगी है लेकिन उत्तर कोरिया के रवैये से वो भी अब तंग आ चुका है.

बीजिंग स्थित बीबीसी संवाददाता डेमियन ग्रैमेटिकास के अनुसार चीन को उत्तर कोरिया पर दबाव डालने के लिए तैयार कराना आसान नहीं होगा.

उत्तर कोरिया को खाने पीने का सामान और ईंधन चीन के रास्ते से ही मिलता है, लेकिन चीन को डर है कि अगर उसने ये रास्ते बंद कर दिए तो हो सकता है कि उतावलेपन में उत्तर कोरिया कोई ऐसा क़दम उठा ले जिसके बारे में अंदाज़ा लगाना भी मुश्किल है.

जॉन केरी चार दिनों के एशिया दौरे पर हैं और वो रविवार को जापान का दौरा करेंगे.

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