अमरीका ने उत्तर कोरिया से वार्ता में शामिल होने की अपील की

जॉन केरी
Image caption अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी क्षेत्रीय यात्रा के अंतिम पड़ाव पर जापान पहुंचे हैं.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने उत्तर कोरियाई नेताओं से क्षेत्रीय तनाव को खत्म करने के लिए जिम्मेदारी पूर्ण तरीके से बातचीत की अपील की है. अपने एशियाई दौरे के आखिरी पड़ाव पर उन्होंने उत्तर कोरिया से कहा कि अगर धमकियों का दौर इसी तरह जारी रहेगा तो उसके और अलग-थलग पड़ने की संभावना बढ़ सकती है.

उन्होंने एक बार फिर ये ज़ोर देकर कहा कि अमरीका जापान समेत अपने सभी सहयोगियों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

अपने एशिया दौरे के दौरान जॉन केरी ने जिन देशों की यात्रा की है वे सभी कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु विसैन्यीकरण को लेकर एकमत हैं.

लेकिन उत्तर कोरिया संसद के अध्यक्ष किम योंग नैम ने अपने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा है कि उनके देश को अपनी आणविक शक्ति और बढ़ानी चाहिए.

उन्होंने कहा, "हमें संख्या और गुणवत्ता दोनों ही में अपनी आणविक शक्ति, राष्ट्र का जीवन और एकीकृत कोरिया के राष्ट्रीय धरोहर को मज़बूत करने की ज़रूरत है और इसका किसी भी क़ीमत पर सौदा नहीं हो सकता. मौजूदा युद्ध की परिस्थितियों में हमें अमरीका का जमकर जवाब देने की ज़रूरत है."

धमकी का असर नहीं

इससे पहले केरी चीन के दौरे पर थे. वहां उन्होंने चीन के शीर्षस्थ नेताओं से मुलाकात की थी. मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया को बताया था कि चीन इस तनाव को कम करने के लिए “बेहद गंभीर” है.

कयास लगाए जा रहे हैं कि उत्तरी कोरिया मिसाइल हमले की तैयारी कर रहा है. ऐसी रिपोर्टें आ रही हैं कि उत्तरी कोरिया ने अपने पूर्वी तट पर कम से कम दो मुसुडन बैलेस्टिक मिसाइलों की तैनाती कर दी है.

हालांकि टोक्यो में मौजूद बीबीसी संवाददाता मार्टिन पैशेंस का कहना है कि "उत्तरी कोरिया की धमकी के बाद भी टोक्यो में माहौल शांत है.

Image caption उत्तर कोरिया कई बार युद्ध की धमकी दे चुका है.

धमकी का जापान के लोगों पर भी कोई असर नहीं दिखता. वो लोग आम दिनों की तरह अपना काम कर रहे हैं. यहां तक कि टोक्यो का शेयर बाज़ार पिछले कुछ समय में अपने उच्चतम स्तर पर है.”

जापान उत्तरी कोरिया की पूर्वी सीमा पर है. अगर उत्तरी कोरिया की ओर से रॉकेट हमला भी होता है तो जापान इसकी ज़द में आएगा. सुरक्षा के लिए जापान ने अमरीका में बने पैट्रिएट मिसाइल रोधी तंत्र स्थापित किया है.

जापान के रक्षा मंत्री इत्सुनोरी ओन्देरा ने कहा कि अमरीकी विदेश मंत्री के इस दौरे से उत्तर कोरिया कड़ा संदेश जाएगा. उन्होंने कहा, ''ये बेहद ज़रूरी है कि हम एक दूसरे का सहयोग करें और उत्तरी कोरिया को कड़े शब्दों में बताएं कि उसे अपना परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम छोड़ देना चाहिए.''

अमरीका और जापान के बीच 1950 के बाद से ही सुरक्षा के लेकर समझौता है. इसके मुताबिक हमला होने की स्थिति में जापान की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमरीका की है.

बीबीसी संवादताता के मुताबिक जॉन केरी की यात्रा का मकसद जापान को भरोसा देना है कि संकट के वक्त अमरीका उसके साथ खड़ा है.

धमकी का कारण

उत्तरी कोरिया पहले भी अमरीका और दक्षिण कोरिया को धमकियां देता रहा है. लेकिन ये धमकियां उस वक्त से और बढ़ गई हैं जब से इसी साल मार्च में संयुक्त राष्ट्र संध ने उस पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं.

नए प्रतिबंधों का कारण उत्तरी कोरिया द्वारा प्रतिबंधित बैलेस्टिक मिसाइलों का परीक्षण और परमाणु हथियार बनाने वाली तकनीक का तीसरा परीक्षण करना था.

Image caption जापान पहुंचने से पहले विदेश मंत्री केरी ने चीन और दक्षिण कोरियाई नेताओं से उत्तर कोरियाई संकट पर बात की थी.

जवाब में उत्तरी कोरिया ने अपने निष्क्रिय परमाणु संयंत्रों को दोबार शुरु करने की धमकी दी और देशों से कहा कि वो वहां तैनात अपने राजनयिकों को वापस बुला लें.

इसके अलाव केसांग औद्योगिक क्षेत्र में दक्षिण कोरियाई मजदूरों के काम करने पर भी उत्तरी कोरिया ने प्रतिबंध लगा दिया था. सोमवार को उत्तरी कोरिया में इसके संस्थापक नेता किम जोंग उल का जन्मदिन मनाया जाएगा. ऐसा माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया इस दिन का इस्तेमाल मिसाइल परीक्षण के लिए कर सकता है.

ऐसी ख़बरें हैं कि उत्तरी कोरिया ने अपने पूर्वी तट पर जिन मुसुदन मिसाइलों को तैनात किया है उनकी मारक छमता 4000 किलोमीटर तक है. प्रशांत महासागर में मौजूद अमरीकी अड्डा गुआम इस मिसाइल की मार की जद में आ सकता है.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने ज़ोर देकर कहा है कि अगर उत्तरी कोरिया मिसाइल परीक्षण के अपने कार्यक्रम में आगे बढ़ता है तो कोरिया और अलग-थलग पड़ जाएगा. उत्तर कोरियाई लोगों को इस समय भोजन की ज़रूरत है न कि मिसाइल की.

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