कहीं से भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे मुशर्रफ़

Image caption परवेज़ मुशर्रफ़

पाकिस्तान में एक चुनाव ट्रिब्यूनल ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को चितराल से चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य क़रार दिया है.

इससे पहले तीन जगह से मुशर्रफ़ का नामांकन ख़ारिज हो चुका था लेकिन उत्तर पश्चिमी प्रांत स्थित चितराल से उनका नामांकन स्वीकार कर लिया गया था.

मुशर्रफ़ के वकील का कहना है कि वह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं.

पिछले महीने ही मुशर्रफ़ दुबई और लंदन के अपने स्वघोषित निर्वासन से पाकिस्तान लौट आए थे. उनका कहना था कि वह पाकिस्तान को बचाना चाहते हैं.

मुशर्रफ़ को उम्मीद थी कि वह आम चुनाव में ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एपीएमएल) पार्टी का नेतृत्व कर पाएंगे.

क़ानूनी पेंच

पाकिस्तान लौटने पर मुशर्रफ़ ने कराची, इस्लामाबाद, कसूर और चितराल से नामांकन भरा था.

चितराल में उनका नामांकन शुरुआती तौर पर स्वीकार हो गया लेकिन बाक़ी सभी जगह रद्द हो गया था.

उनके विरोधियों ने बाद में चितराल में उनके नामांकन के ख़िलाफ़ याचिका दायर कर कहा कि उन्होंने 2007 में आपातकाल लगा कर पाकिस्तान के संविधान का उल्लंघन किया था.

मुशर्रफ़ ने एक सैन्य कार्रवाई के ज़रिए 1999 में सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया था और 2008 तक इस पर क़ाबिज़ रहे थे.

2008 में हुए आम चुनाव के बाद पीपीपी के नेतृत्व में सरकार बनी थी. मुशर्रफ़ ने इसके बाद महाभियोग के डर से अपना पद छोड़ दिया था और फिर विदेश चले गए थे.

आख़िरी कोशिश

वह अब भी कई मुक़दमों में उलझे हुए हैं और गिरफ़्तारी और देशद्रोह के मामले से बचने की कोशिशों में लगे हुए हैं.

उन्होंने अपने ख़िलाफ़ ज़्यादातर मामलों को ‘आधारहीन’ और राजनीति से प्रेरित बताया है.

मुशर्रफ़ के वकील अहमद रज़ा कसूरी ने एएफ़पी को बताया, ''हाईकोर्ट ने उनकी याचिका ख़ारिज कर दी है. हम सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे.''

लेकिन अगर ट्रिब्यूनल के ताज़ा फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील नाकाम हो जाती है तो मुशर्रफ़ के चुनाव लड़ने का हर रास्ता बंद हो जाएगा.

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