बांग्लादेश हादसा: इंजीनियर सहित चार लोग गिरफ्तार

  • 27 अप्रैल 2013
Image caption बुधवार को इमारत के ढह जाने से 300 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की खबर.

पुलिस ने बांग्लादेश के ढाका में एक फैक्ट्री भवन में हुए हादसे के सिलसिले में दो इंजीनियरों को गिरफ्तार कर लिया.

ये दोनों ढाका के बाहर मौजूद उस भवन के निर्माण जो बुधवार को ढह गई थी, और हादसे में अबतक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

इससे पहले फैक्ट्री के मालिक औक कंपनी के एक आला अधिकारी को गिरफ्तार किया जा चुका है.

बताया जा रहा है कि अभी भी मलबे के भीतर सैकड़ों लोग दबे हुए हैं. बचाव कार्यकर्ता उन्हें मलबे में मौजूद सुराख़ों से भोजन और पानी मुहैया करवा रहे हैं.

इस बीच शनिवार को 26 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया.

'मज़दूरों को मजबूर किया'

महबूबुर रहमान तापस और बलज़ुल समद अदनान नाम के इन दो लोगों पर आरोप है कि इमारत में दरार दिखने और उसके कमज़ोर होने की आशंकाओं के बावजूद इन्होंने मज़दूरों को काम करने के लिए मजबूर किया.

इस हादसे में कम से कम 323 लोगों के मारे जाने की खबर है. बुधवार को ये आठ मंज़िला इमारत ढह गई थी.

बचाव दल ने मलबे में दबे कई लोगों तक सांस लेने के लिए ऑक्सीजन के सिलेंडर भी पहुंचाए हैं.

अब तक कुल 2,200 लोगों को ज़िंदा बचा लिया गया है लेकिन सैकड़ों मज़दूरों का अभी भी कोई सुराग नहीं मिला है.

प्रदर्शन

Image caption 24 अप्रैल को ढही इमारत में कई कपड़ा फैक्ट्रियां थीं जिनमें सैकड़ों मजदूर काम करते थे.

इससे पहले इमारत गिरने के विरोध में करीब 10 हज़ार लोगों ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया. और सरकार से कपड़ा उद्योग में काम कर रहे मज़दूरों की हालत सुधारने की मांग की.

बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग, विश्व के सबसे बड़े कपड़ा उद्योगों में से एक है. यहां से पश्चिमी देशों को कम कीमत पर कपड़ा मिल जाता है क्योंकि यहां बेहद सस्ता श्रम उपलब्ध है.

लेकिन साथ ही यहां पर काम कर रहे मज़दूरों की हालत काफी खस्ता होने की बात कही जाती रही है, क्योंकि उन्हें कम पारिश्रमिक के अलावा बेहद खतरनाक परिस्थितियों में काम करना पड़ता है.

श्रम सुधार आंदोलनकर्ता लंबे समय से मज़दूरों की हालत सुधारने के लिए विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं.

उनकी मांग है कि कपड़ा फैक्ट्रियों का ये नैतिक दायित्व है कि वो मज़दूरों की बेहतरी के लिए पर्याप्त कदम उठाएं जो कि वर्तमान में नहीं हो रहा है.

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