ढाका: मलबे में लोगों की तलाश खत्म हुई

  • 29 अप्रैल 2013
ढाका में इमारत गिरी
Image caption मलबे से निकाले गए हजारों लोग

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पिछले हफ्ते ढही आठ मंजिला इमारत के मलबे में लोगों को ढूंढने का काम अब रोक दिया गया है और राहतकर्मी भारी उपकरणों का इस्तेमाल कर मलबे को हटा रहे हैं.

इस इमारत के ढहने के कारण अब तक कम से कम 337 लोग मारे जा चुके हैं जबकि सैंकड़ों लोगों को मलबे से जिंदा निकाला गया है.

रविवार को इमारत की तीसरी मंजिल पर आग लग गई जब राहतकर्मी वहां फंसी एक महिला को निकालने की कोशिश कर रहे थे. ये आग कटर से हुए स्पार्क से लगी.

लेकिन न सिर्फ महिला को बचाने की कोशिशें नाकाम रहीं बल्कि चार दमकल कर्मी भी इस आग के चलते घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

आग के कारण रविवार को राहत और बचाव कार्यों में बाधा आई.

मालिक गिरफ्तार

उधर इस इमारत में चल रही कपड़ा फैक्ट्री के मालिक मोहम्मद सोहेल राना को भारतीय सीमा के नजदीक गिरफ्तार किया गया और उन्हें ढाका ले जाया गया है.

Image caption इमारत में चल रही फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है

बताया जाता है कि बुधवार को इमारत गिरने के बाद से राना छिपे हुए थे.

जब बुधवार को इमारत में आग लगी तो वहां कम से कम तीन हजार लोग काम कर रहे थे. बताया जाता है कि हादसे के बाद 2340 लोगों को जीवित बचा लिया गया है.

लापता लोगों के बारे में कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है लेकिन दमकल विभाग के उप निदेशक अकरम हुसैन का कहना है कि मलबे से लोगों के जीवित निकलने के उम्मीद हर बीतते मिनट के साथ कम होती जा रही है.

आग पर काबू

घटनास्थल से बीबीसी संवाददाता अनबरासन एथिराजन का कहना है कि अब आग पर काबू पा लिया गया है.

एथिराजन ने बताया कि बचावकर्मी मलबे में फंसी एक महिला को निकालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद उन्होंने बताया कि उसे बचाया नहीं जा सका.

लेकिन इससे पहले रविवार को दो लोगों को मलबे से जीवित निकाला गया. लापता मजदूरों के हजारों रिश्तेदार अब भी घटनास्थल पर मौजूद हैं.

बांग्लादेश में हजारों कपड़ा फैक्ट्रियां हैं, लेकिन वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण अकसर ऐसे हादसे सामने आते हैं.

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