वर्चुअल बटुए की चुनौती

  • 3 मई 2013
बिटक्वाइन्स
Image caption बिटक्वाइन्स के फ़ायदे तो बहुत हैं लेकिन नुकसान भी कम नहीं.

अगर आप अपने बैंक पर भरोसा नहीं करते तो अब आप अपनी दौलत बिट्क्वाइन नाम की वर्चुअल मुद्रा में जमा कर सकते हैं.

यूरोप में ऐसा हो भी रहा है. अब तो यूरोपीय केंद्रीय बैंक को भी ये फ़िक्र सता रही है कि कहीं बिटक्वाइन बैंकों पर लोगों के भरोसे पर कहीं सेंध ना लगा दे.

बिटक्वाइन्स कंप्यूटर से संबंधित कुछ बेहद जटिल काम करने के बदले कमाई जाती हैं.

पहले इन्हें उन लोगों को दिया गया था जिन्होंने ये सिस्टम स्थापित करने में योगदान दिया था.

लेकिन अब लोग बिटक्वाइन्स ख़रीद कर इसे एक वर्चुअल बटुए में रख सकते हैं.

आम मुद्रा की तुलना में यहां बैंकों की कोई भूमिका नहीं रहती क्योंकि लोग सीधे एक दूसरे से बिटक्वाइन्स का लेन-देन करते हैं. और चूंकि बिटक्वाइन्स किसी देश की मुद्रा नहीं इसलिए इसपर टैक्स नहीं लगता

फ़ायदे और नुकसान

बिटक्वाइन्स का इस्तेमाल करने वाले इसकी ख़ूब तारीफ़ करते हैं.

ऐसे ही एक व्यक्ति ट्रेस मायेर ने बीबीसी को बताया, "मुझे बिटक्वाइन्स की ये बात अच्छी लगती है कि आप इन्हें दुनिया में कहीं भी, किसी को भी और किसी भी वक़्त भेज सकते हैं. और इन्हें ना तो ज़ब्त किया जा सकता है और ना ही किसी तरह रोका जा सकता है. "

ज़ाहिर है फ़ायदे हैं तभी तो प्रचलन बढ़ रहा है लेकिन बिटक्वाइन्स के कुछ ख़तरे भी हैं.

इस नए प्रचलन पर नज़र रखने वाले डेनियल नॉउल्स कहते हैं कि बिटक्वाइन्स की कीमत में हर समय उतार-चढ़ाव आता रहता है.

डेनियन नॉल्स ने बीबीसी को बताया, "आप ये कतई नहीं चाहेंगे कि आपकी जेब में पड़ा दस पाउंड का नोट कल बीस पाउंड हो जाए और परसों पांच पाउंड ही रह जाए. ये बहुत अस्थिर है."

भविष्य

अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि इस वर्चुअल मुद्रा का भविष्य क्या है. कुछ जानकार मानते हैं कि बिटक्वाइन वर्चुअल मुद्रा की दिशा में पहला क़दम है.

हाइपेरोन एडवाइज़री से जुड़े डेव बर्च इस के भविष्य के बारे में आश्वस्त हैं.

डेव बर्च कहते हैं, "क्या इसका अर्थ ये है कि लोग भविष्य में पाउंड के बदले बिटक्वाइन्स का इस्तेमाल करेंगे - मुझे इसपर यक़ीन नहीं है. लेकिन क्या लोग बिटक्वाइन्स का प्रयोग करेंगे - शायद हां. नई अर्थव्यवस्था को नए किस्म का पैसा चाहिए जैसेकि औद्योगिक क्रांति को सैंकड़ों वर्ष पहले मौजूदा मुद्रा की ज़रुरत पड़ी थी."

बिटक्वाइन्स का एक दूसरा पहलू भी है. ऐसी मुद्रा से ड्रग्स और हथियार भी ख़रीदे जा सकते हैं. और हैकर्स की भी बिटक्वाइन्स एकाउंट पर नज़र है. हैरानगी की बात नहीं है कि अमरीका और यूरोप में सरकारें इन्हें रेग्यूलेट करने की बात कर रही है. लेकिन यूरोप में जिनका भरोसा बैंकों से उठ गया है वो शायद अब वर्चुअल मुद्रा को ही तरजीह देंगे.