बॉस्टन धमाका: संदिग्ध के शव दफ़नाने पर हंगामा

Image caption तमरलान सारनाएफ़ अपने भाई के साथ भागने की कोशिश कर रहे थे, जिस दौरान गोली लगने से उनकी मौत हुई.

अमरीकी प्रांत वर्जिनिया के एक इस्लामिक समुदाय ने बॉस्टन धमाके के संदिग्ध आरोपी तमरलान सारनाएफ़ के शव को स्थानीय शवदाह गृह में दफ़नाए जाने का विरोध किया है.

पहले अमरीका सेना की ओर से कहा गया था कि सारनाएफ़ का शव किसी अज्ञात स्थल पर दफ़नाया गया है.

लेकिन स्थानीय मुस्लिम समुदाय के इमाम ने कहा है कि तमरलान सारनाएफ़ को चुपके चुपके यहां के शवदाह गृह में दफनाया गया है जिसके चलते स्थानीय लोगों में काफी नाराज़गी है क्योंकि वहां उनके परिजनों को दफनाया गया है.

ये शवदाह गृह वर्जिनिया प्रांत की राजधानी रिचमोंड के उत्तरी ग्रामीण इलाके में स्थित है.

स्थानीय लोगों में आक्रोश

वर्जिनिया के इस्लामिक सेंटर के इमाम अमार एमोनेटे का कहना है कि अधिकारियों का ये फ़ैसला बेतुका है.

एमोनेटे ने बताया, “मुस्लिम समाज में काफी आक्रोश है. हमें गुस्सा इस बात का भी है कि हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई. ये सब गुपचुप तरीके से किया गया.”

Image caption बॉस्टन धमाके के संदिग्ध के शव को दफ़नाने पर हंगामा

वर्जिनिया प्रांत के अधिकारियों ने भी कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ भी नहीं बताया गया, हालांकि इन बातों को बताने की कोई बाध्यता भी नहीं है.

वहीं कुछ लोग इस मामले को तूल नहीं देना चाहते. रिचमोंड निवासी मार्था मूलेन ने समाचार एजेंसी एपी से कहा, “हमें इसे तूल नहीं देना चाहिए क्योंकि ईसा मसीह भी कहते थे कि अपने दुश्मनों से प्यार करो.”

इससे पहले मैसाच्यूसेट पुलिस के बयान में कहा गया था कि, “मदद के लिए हमारी सार्वजनिक अपील के बाद एक साहसी व्यक्ति आगे आया और उसने मृतक के अंतिम संस्कार में काफी मदद की.”

बयान में उस समुदाय के लोगों को धन्यवाद दिया गया है जिन्होंने शव को दफ़नाने के लिए जगह उपलब्ध कराई.

बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार के लिए मदद करने वाला रासलेन तसारनी हैं जो संदिग्ध के चाचा थे. ये भी कहा जा रहा है कि तमरलान की विधवा पत्नी कैथरीन रसेल के शव लेने से इनकार करने के बाद तसारनी ने ये इंतज़ाम किया है.

इसके बाद तमरलान के शव को बीते गुरुवार को मैसाच्यूसेट शवदाह गृह से यहां लाकर दफनाया गया था.

मुठभेड़ में मौत

अमरीकी अधिकारियों को डर था कि कहीं मैसाच्यूसेट शवदाह गृह अमरीका विरोधी भाव रखने वाले लोगों के लिए पवित्र जगह नहीं बन जाए.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 26 साल के मृतक तमरलान सारनाएफ़ और 19 साल के उनके छोटे भाई ज़ोख़र ने मिलकर बोस्टन धमाके की साजिश रची थी.

15 अप्रैल, 2013 को बोस्टन मैराथन के दौरान हुए धमाके में तीन लोगों की मौत हुई थी और करीब 264 लोग घायल हुए थे.

पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान सारनाएफ़ अपने भाई के साथ भागने की कोशिश कर रहे थे, जिस दौरान गोली लगने से उनकी मौत हुई.

साथ ही गोली से घायल हुए उनके भाई ज़ोख़र इस समय जेल के अस्पताल में भर्ती हैं.

ये दोनों भाई रूस के चेचेन क्षेत्र से संबंध रखते हैं और करीब एक दशक से अमरीका में रह रहे थे.

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