चीन में वरिष्ठ अधिकारी के ख़िलाफ़ जाँच शुरू

लियू तिएनान
Image caption लियू तिएनान चीन की आर्थिक योजना बनाने वाली संस्था के शीर्ष अधिकारी हैं

चीन की सरकारी न्यूज़ एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक देश के एक बड़े आर्थिक नीति निर्माता के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच शुरू हो गई है.

राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग (एनडीआरसी) के उप प्रमुख लियू तिएनान पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं.

दिसंबर में एक जाने माने पत्रकार ने लियू पर ये आरोप लगाए थे. देश के नए राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ जो मुहिम छेड़ रखी है उसी के तहत लियू पर भी कार्रवाई की जा रही है.

शिन्हुआ के मुताबिक लियू साल 2008 से एनडीआरसी के उप प्रमुख पद पर हैं. ये संस्था राष्ट्रीय आर्थिक योजना बनाती है. मार्च तक वो चीन के ऊर्जा विभाग के भी प्रमुख थे.

आरोप

हालांकि लियू के ख़िलाफ़ क्या आरोप है, इसका खुलासा नहीं किया गया है.

प्रतिष्ठित कैजिंग पत्रिका के सहायक संपादक लुओ चांगपिंग ने लियू के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे.

ट्विटर की तरह चीन की अपनी सोशल साइट वैबो पर लुओ ने अपने पोस्ट में लिखा है कि लियू ने ऐसे आर्थिक करार किए जो संदेह के घेरे में हैं. साथ ही उन्होंने अपने शैक्षिक रिकॉर्डों में भी बदलाव किए और अपनी एक पूर्व सहयोगी को मारने की भी धमकी दी.

बीजिंग में बीबीसी के संवाददाता मार्टिन पेशेंस ने कहा कि चीन में मीडिया पर कड़ी पाबंदी है और ऐसे में किसी वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के ख़िलाफ़ ऐसे गंभीर आरोप लगाना एक साहसिक कदम है.

ताकत

लियू के ख़िलाफ़ जाँच के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है. लेकिन सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है कि जाँच की घोषणा इंटरनेट की ताकत को दर्शाती है.

अखबार कहता है, “लियू तिएनान पर लुओ चांगपिंग की जीत इंटरनेट के माध्यम से हासिल की गई है. इससे ये अनुमान लगाया जा सकता है कि चीन में जनभावना का झुकाव इंटरनेट की तरफ हो रहा है.”

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भष्ट्राचार को समूल उखाड़ने का संकल्प लिया है. उनका कहना है कि भ्रष्टाचार से सत्ता पर कम्युनिस्ट पार्टी की पकड़ कमजोर हो सकती है.

हमारे संवाददाता ने कहा कि इस जाँच से जनता के बीच ये संदेश जाएगा कि नए राष्ट्रपति भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए गंभीर हैं.

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