भारत के लिए और खुलेंगे चीनी बाज़ार: कचियांग

ली कचियांग-मनमोहन सिंह
Image caption दोनों मुल्कों ने आठ संधियों पर हस्ताक्षर किए हैं.

प्रधानमंत्री ली कचियांग ने कहा है कि चीन इस बात की कोशिश करेगा कि भारतीय सामानों की पहुंच चीन के बाज़ारों में बढ़े.

दिल्ली में उद्योग और व्यापार संघ के आयोजित कार्यक्रम में चीनी प्रधानमंत्री ने कहा, "जहां तक भारत के व्यापार घाटे की चिंता की बात है, चीनी पक्ष अपने बाज़ार में भारतीय माल की पहुंच बढ़ाने के लिए हर तरह की सुविधा मुहैया करवाएगा. "

उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों मु्ल्कों के बीच साझा व्यापार में भारत को जो घाटा है उसे पूरा किया जा सकेगा.

भारत और चीन के बीच सालाना व्यापार 66.5 अरब डॉलर का है. लेकिन साल 2012 के आंकड़ों के मुताबिक ये चीन के पक्ष में अधिक फ़ायेदामंद है.

मेलजोल की ज़रूरत

ली कचियांग का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में भारत को और अहम भूमिका निभाते देख चीन को खुशी होगी.

उन्होंने कहा कि ज़रूरत है कि विश्व स्तर पर विकासशील मुल्कों की आवाज़ और बुलंद हो. दिल्ली में उनकी मौजूदगी के दौरान भारत और चीन ने आठ अहम मुद्दों पर संधि किए हैं.

ली कचियांग ने कहा कि विश्व की एक तिहाई आबादी इन दोनों मुल्कों में रहती है और पिछले कुछ सालों में दोनों देशों में विकास की दर औसतन सात प्रतिशत रही है.

उन्होंने कहा कि हालांकि दोनों मुल्कों के बीच कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिसपर मतभेद हैं लेकिन ज़रूरत है कि लोगों के बीच और अधिक मेलजोल की. उनका कहना था कि इससे 'एक दूसरे के प्रति हमारी समझ बढ़ेगी.'

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