सीरियाई विद्रोहियों को मिल सकेंगे हथियार

Image caption अब तक दूसरे देशों को विद्रोहियों को हथियार भेजने की इजाज़त नहीं थी

ब्रितानी विदेश सचिव विलियम हेग ने कहा है कि यूरोपीय संघ ने सीरिया पर लगा वो प्रतिबंध हटा दिया है जिसके तहत बाहरी देशों को सीरियाई विद्रोही सेना को हथियार मुहैया कराने की इजाज़त नहीं थी.

यानि अब सीरियाई विद्रोहियों को बाहरी देशों से हथियार उपलब्ध करवाए जा सकेंगें.

हालांकि इस बात पर फिलहाल कोई फैसला नहीं किया गया है कि ये हथियार सीरिया में कब पहुंचाए जाएंगें.

ये फैसला सोमवार को ब्रसल्स में हुई यूरोपीय संघ की बैठक में लिया गया.

ब्रिटेन और फ्रांस सीरियाई विद्रोहियों को हथियार भेजने की कवायद करते रहे हैं लेकिन दूसरे देशों ने इस फैसले का ये कह कर विरोध किया था कि ऐसा करने से वहां हालात और बिगड़ जाएंगें.

यूरोपीय संघ की वरिष्ठ राजदूत कैथरीन ऐश्टन ने मीडिया को बताया कि अगस्त से पहले संघ के सदस्य देश सीरिया पर लगाए गए प्रतिबंधों पर फैसला ले लेंगें.

उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया जिनमें कहा गया था कि यूरोपीय संघ ने ये फैसला ब्रिटेन और फ्रांस के दबाव में आकर लिया है.

विनाशकारी परिणाम?

मुझे लगता है कि ये फैसला बिलकुल सही है और पूरा यूरोपीय संघ सीरिया में शांति बहाल करना चाहता है. हां ये ज़रूर है कि इतने संगीन मामले को लेकर आपसी मतभेद हो सकते हैं लेकिन हमने भविष्य को देखते हुए सही फैसला लिया है

सीरिया पर लगाए गए प्रतिबंधों की समय सीमा आगामी 1 जून को समाप्त होने जा रही है, जिसके चलते अब अगले कदम को लेकर विदेशी ताकतें तेज़ी से सोच-विचार में लग गई हैं.

ब्रिटेन के विदेश सचिव विलियम हेग ने कहा, “मुझे लगता है कि ये फैसला बिलकुल सही है और पूरा यूरोपीय संघ सीरिया में शांति बहाल करना चाहता है. हां ये ज़रूर है कि इतने संगीन मामले को लेकर आपसी मतभेद हो सकते हैं लेकिन हमने भविष्य को देखते हुए सही फैसला लिया है.”

इस बीच अमरीकी सांसद जॉन मकेन विद्रोहियों से बातचीत करने के मकसद से सीरिया पहुंच गए हैं.

जॉन मकेन सीरिया में विद्रोहियों को हथियार भिजवाने के हक में रहे हैं.

2011 में शुरु हुए सीरियाई गृह युद्ध के बाद ये पहली बार है कि कोई अमरीकी सांसद वहां पहुंचे हैं.

सीरिया पर फैसला लेने के लिए कई हफ्तों से विभिन्न देश विचार कर रहे थे.

हाल ही में अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने अपने रूसी समकक्ष सरगी लवरॉव से पेरिस में मुलाकात की.

जॉन कैरी का कहना था कि वे अगले महीने जिनीवा में होने वाले शांति सम्मेलन में सीरिया में शांति बहाल करने की ओर हर कदम उठाएंगें.

हालांकि सीरियाई विद्रोहियों ने अब तक ऐसे किसी सम्मेलन में भाग लेने की इच्छा नहीं जताई है.

अमरीका, फ्रांस और रूस ने सीरियाई विद्रोहियों से अपील की है कि वे इस सम्मेलन में सीरियाई सरकार के साथ भाग लें.

उधर मानवाधिकार संस्था ऑक्सफैम ने चिंता ज़ाहिर की है कि हथियार भेजने पर लगा प्रतिबंध हटने का परिणाम विनाशकारी हो सकता है.

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