ड्रोन हमले पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन: नवाज़ शरीफ़

nawaz sharif, नवाज़ शरीफ़
Image caption नवाज़ शरीफ़ की पार्टी, पीएमएल-एन, मई में हुए संसदीय चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है.

जल्द ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले नवाज़ शरीफ़ ने उस संदिग्ध अमरीकी ड्रोन हमले की निंदा की है जिसमें तालिबान का दूसरा सबसे बड़ा नेता मारा गया था.

बुधवार को उत्तरी वज़ीरिस्तान कबाइली इलाके में एक मकान पर मिसाइल हमले में तालिबान नेता वलिउर रहमान मारे गए थे.

इससे पहले अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने अमरीकी ड्रोन हमलों का बचाव किया है.

उन्होंने कहा कि ये हमले वैध हैं क्योंकि अमरीका अल-क़ायदा और तालिबान के खिलाफ़ जंग लड़ रहा है और "इन हमलों से ज़िंदगियां बची हैं".

'गंभीर चिंता'

लेकिन शुक्रवार शाम अपनी पार्टी पीएमएल-एन द्वारा जारी एक वक्तव्य में नवाज़ शरीफ़ ने इस हमले पर 'गंभीर चिंता और गहरी निराशा' व्यक्त की.

उन्होंने कहा, "ये ड्रोन हमला न सिर्फ़ पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन है बल्कि ये अंतराष्ट्रीय क़ानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का भी उल्लंघन करता है".

वक्तव्य में ये भी कहा गया है कि इस्लामाबाद स्थित अमरीकी दूतावास में डिप्टी चीफ़ ऑफ़ मिशन रिचर्ड होगलैंड को नवाज़ शरीफ़ के नज़रिए से अवगत करा दिया गया है.

गुरुवार को अपने उपाध्यक्ष वलिउर रहमान की एक ड्रोन हमले में मौत की ख़बर की पुष्टि करने के बाद पाकिस्तानी तालिबान ने पाकिस्तान की सरकार के साथ शांति-वार्ता की पेशकश वापिस ले ली.

माना जा रहा है कि वलिउर रहमान बुधवार को मारे गए कम से कम छह संदिग्ध चरमंपथियों में से एक थे. उन पर साल 2009 में एक अमरीकी अड्डे पर बम हमले में शामिल होने का आरोप है. इस हमले में सात सीआईए एजेंट मारे गए थे.

Image caption अमरीकी सरकार ने वलिउर रहमान पर पचास लाख डॉलर का इनाम रखा था.

बुधवार को हुआ हमला पाकिस्तान में पिछले महीने हुए चुनावों के बाद पहला हमला था.

'बेहद खेदजनक'

पीएमएल-एन का कहना था कि ये 'बेहद खेदजनक' है कि ये ड्रोन हमला अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के ड्रोन कार्यक्रम के बारे में नए दिशानिर्देश जारी किए जाने कुछ ही दिन बाद हुआ है.

उधर बुधवार को इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक़े-इंसाफ़ पार्टी ने भी ड्रोन हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुआ एक वक्तव्य जारी किया. पार्टी ने कहा कि वो ड्रोन हमलों का विरोध जारी रखेगी.

तहरीके इंसाफ़ के एक प्रवक्ता ने कहा, "ये हमला आने वाली सरकार के प्रति शत्रुतापूर्ण इरादे दिखाता है. पीएमएल-एन की ही तरह हमारी पार्टी भी ड्रोन हमलों का विरोध करती है."

प्रवक्ता ने ये भी कहा, "नई सरकार बनने से पहले ही अमरीका पाकिस्तान के लोगों और चुने गए नेतृत्व की इच्छाओं की खुले तौर पर अवहेलना कर रहा है."

इस बीच पाकिस्तानी सैन्य सूत्रों ने कहा है कि अफ़ग़ान सीमा के नज़दीक कुर्रम कबाइली इलाके में सैन्य कार्यवाई में गुरुवार से अब तक 34 चरमपंथी मारे गए हैं. इसके अलावा तीन सैनिकों की भी मौत हो गई है.

एक वक्तव्य में कहा गया है कुर्रम कबाइली क्षेत्र में तालिबान और लश्कर-ए-इस्लाम के ठिकानों पर सैना की कार्यवाई के बाद ये लड़ाई हुई. लेकिन इस ख़बर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है क्योंकि इलाके के पास मीडिया को जाने की इजाज़त नहीं है. ये इलाका अफ़ग़ानिस्तान में नाटो को रसद पहुंचाने वाले रास्ते के नज़दीक है.

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