दुबले होने की चाहत में मोटे लोगों का एक कस्बा

ब्रिटेन में लिंकनशायर के बोस्टन कस्बे को ब्रिटेन के सबसे मोटे लोगों के कस्बे के रूप में जाना जाता है.

अब यहाँ के लोगों ने अपनी इस छवि को बदलने के लिए कमर कस ली है.

2007 में एनएचएस के सामुदायिक स्वास्थ्य प्रोफाइल की रिपोर्टें आने के बाद से बोस्टन की छवि सबसे मोटे लोगों के कस्बें के रूप में बन गई थी.

इन रिपोर्टों के अनुसार बोस्टन के 31 प्रतिशत व्यस्क सामान्य से ज्यादा मोटे थे.

लेकिन एक स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता के अनुसार अब स्थित बदल चुकी है. इंग्लैंड जन स्वास्थ्य के अनुसार बोस्टन में 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में मोटापे का अनुपात पिछले छह सालों में 22 प्रतिशत से घट कर 17.5 प्रतिशत हो गया है.

मोटापे से पीड़ित

मोटापे में कमी की यह दर राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अच्छी है.

इस वर्ग के आंकड़ों में फेरबदल होता रहता है फिर भी ये इतना इशारा जरूर करते हैं कि पिछले छह सालों में बोस्टन एवं आसपास के इलाकों के बच्चों में मोटापे की दर घटी है.

ईस्ट मिडलैंड के मोटापा विशेषज्ञ इयान कैंपबेल बोस्टन में घटती मोटापे की दर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहते हैं, ''मुझे खुशी के साथ ही आश्चर्य भी है लेकिन मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि मोटापे पर अभी पूरी तरह विजय पाना बाकी है.''

वे कहते हैं, ''बोस्टन में मोटापे में वृद्धि की दर घटी है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर अभी भी 25 प्रतिशत व्यस्क मोटापे से पीड़ित हैं.हम आरामकुर्सी में बैठ कर टीवी देखते रहते हैं, वीडियो गेम खेलते रहते हैं, बहुत ज्यादा शराब पीते हैं, जब चाहे तब मिठाई और नमकीन खाते हैं जबकि एक समय में ये सब दुर्लभ चीजें थीं.''

कैंपबेल कहते हैं कि जिम जाने और तैराकी करने को आकर्षक बनाना होगा. और इन्हें सबकी पहुंच में लाना होगा.

स्थानीय प्रशासन इस समस्या से निपटने के लिए कई इंतजाम कर रहा है.

जरूरी है आत्मविश्वास

कस्बे के पार्को में ऊंचे सीढ़ी वाले झूले बनाए जा रहे हैं. पार्कों के चारों तरफ टहलने के लिए रास्ते बनाए गए हैं.

निम्न आय वर्ग के लोगों को घर में उपजाई गई सब्जियां बनाना सिखाने के लिए कक्षाएं चलाई जा रहीं हैं.

स्वास्थ्य प्रशिक्षक सियोभान बर्नेडिन का वजन कुछ समय पहले तक 146 किलोग्राम था. वो कई सालों तक मोटापे से परेशान रहीं.

घुड़सवारी के दौरान हुई दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में चोट आने और गुर्दे की बीमारी के कारण अपने पति को खो देने के बाद उनकी मोटापे की समस्या और भी बढ़ गई थी.

बर्नेडिन बताती हैं, ''मेरे लिए यह और भी ज्यादा कठिन हो गया था क्योंकि मैं हिले-डुले बिना व्हीलचेयर पर पड़ी रहती थी. मेरा वजन बढ़ता ही जा रहा था. मेरे चिकित्सक भी मेरे वजन के कम होने की उम्मीद छोड़ चुके थे.''

दूसरों की मदद

बोस्टन में स्वास्थ्य प्रशिक्षण के बारे में छपे एक पर्चे को पढ़कर बर्नेडिन ने अपना विचार बदला.

उन्होंने मात्र दो हफ्तों में 38 किलोग्राम वजन कम किया.बोर्नेडिन कहती हैं, ''अपने संग फूड डायरी रखना, हर बार भोजन के साथ फल खाना और नियमित व्यायाम करना मेरे जिंदगी में आने वाला एक छोटा किंतु ठोस बदलाव था.''

बर्नेडिन का मानना है कि ''मोटापा घटाने के लिए जूझ रहे लोगों के लिए दूसरों की मदद बहुत जरूरी होती है ताकि वो खुद के बारे में बेहतर महसूस कर सकें. संभव है कि कुछ लोग तैराकी में सिर्फ इसलिए रुचि न दिखाएं कि उन्हें तैराकी की पोशाक में बुरा दिखने का डर सताता हो.''

बोर्नेडिन कहती हैं,''मोटापा घटाने के लिए प्रयासरत लोगों ने अपना लक्ष्य तय कर लिया होता है. बस उन्हें थोड़ी मदद की जरूरत होती है.''

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