तुर्की में तीसरे दिन भी भीषण झड़पें

तुर्की में इस्तांबुल के बेसिक्टास ज़िले में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीसरे दिन भी झड़प हुई है.

पिछले तीन दिनों से जारी हिंसा में सबसे भयावह दृश्य रविवार की रात को देखे गए.

झड़प में घायल हुए लोगों के इलाज के लिए मस्जिदों, दुकानों और विश्वविद्यालयों को अस्पतालों में तब्दील करना पड़ा है.

तुर्की में तकसीम चौक के पुनर्विकास का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के बैरिकेड को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार की.

पिछले तीन दिनों में करीब 67 शहरों और कस्बों में जारी विरोध प्रदर्शन में 1700 से ज़्यादा लोगों की ग़िरफ़्तारी हो चुकी है.

तुर्की के प्रधानमंत्री रिज़ेप तईप अर्दोगान ने प्रदर्शनकारियों के इस विरोध की निंदा करते हुए इसे अलोकतांत्रिक क़दम क़रार दिया है. इस बीच अमरीका ने तुर्की के सभी पक्षों से शांति की अपील की है.

जद्दोजहद

ये विरोध प्रदर्शन तब शुरू हुए जब इस्तांबुल पार्क में सरकार ने विकास योजना की घोषणा की.

इस्तांबुल में मौजूद बीबीसी संवाददाता लुइस ग्रीनवुड का कहना है कि इन प्रदर्शनों में हज़ारों लोगों ने भाग लिया. पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़ने के बाद कई प्रदर्शनकारी ज़ोर-ज़ोर से खांसने लगे और कई लोग उल्टियां करने लगे.

तुर्की डॉक्टर संघ के मुताबिक बीते शुक्रवार से लेकर अब तक इस्तांबुल में 484 प्रदर्शनकारियों का इलाज हो चुका है.

बेसिक्टास फुटबॉल स्टेडियम के पास स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय की सुरक्षा के लिए भी पुलिसकर्मियों को ख़ासी जद्दोजहद करनी पड़ रही है.

इसके अलावा राजधानी अंकारा के अलावा कई अन्य शहरों में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक वहां एक शॉपिंग सेंटर में पुलिस ने छापा मारा, जहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने शरण ली थी.

इन प्रदर्शनकारियों में ज़्यादातर लोग जवान, शहरी मध्यमवर्गीय लोग शामिल हैं, जो प्रधानमंत्री द्वारा देश के कथित इस्लामीकरण का विरोध कर रहे हैं.

पिछले हफ्ते तुर्की की सरकार ने एक विधेयक पारित किया जिसके तहत शराब की बिक्री व प्रचार पर रोक लगा दी गई है. अर्दोगान ने इस विवादास्पद विधेयक के बचाव में पीने वाले लोगों को 'शराबी' कहा था जिससे लोगों ने अपमानित महसूस किया था.

विश्लेषकों का कहना है कि सरकार के इस क़दम ने धर्मनिरपेक्ष ताक़तों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. प्रधानमंत्री अर्दोगान का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को विपक्षी पार्टी ने प्रभावित किया है.

रविवार को ही राष्ट्रीय टेलीविज़न पर एक साक्षात्कार के दौरान अर्दोगान ने कहा कि ताज़ा विरोध प्रदर्शन विपक्षी रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी के उकसाने पर किए जा रहे हैं और इसमें हिस्सा लेने वाले लोग दरअसल प्रजातंत्र की जड़ों को कमज़ोर कर रहे हैं.

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