'मैं यौनकर्मी हूं और खुश हूं'..लेकिन जनता ख़ुश नहीं

  • 5 जून 2013

ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने उस ऑनलाइन अभियान को रद्द कर दिया है जिसमें लिखा था – ‘मैं यौनकर्मी हूं और खुश हूं.’

दरअसल ये संदेश उस शैक्षणिक कार्यक्रम का भाग है जिसका मकसद यौन संबंधी बीमारियों पर शिक्षा देना और यौनकर्मियों के प्रति ग़लत धारणा को दूर करना था.

ब्राज़ील में इस विज्ञापन पर बवाल हो गया. आलोचकों का कहना है कि इससे वेश्यावृत्ति को बढ़ावा मिलेगा.

स्वास्थय मंत्री एलेग्ज़ेंडर पाडिला ने कहा है कि उन्होंने इस विज्ञापन का समर्थन नहीं किया.

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मंत्रालय की ओर से ऐसा संदेश जाना चाहिए. जब तक मंत्रालय में मेरा कार्यकाल रहेगा, ऐसे विज्ञापन हमारे अभियान का हिस्सा नहीं होंगे.”

एड्स अभियान के लिए ब्राज़ील की सरकार बहुत तारीफ की जाती है.

'कोई संकोच नहीं'

रोमन कैथलिक देश ब्राज़ील में इस अभियान के तहत मुफ्त कंडोम बांटे जाते हैं और बड़े ही व्यावहारिक रूप से समस्या को संबोधित किया जाता है.

हालांकि ये पहली बार नहीं है जब स्वास्थ्य मंत्रालय विवादों के घेरे में आया है.

पिछले साल मंत्रालय को एक वीडियो वापस लेना पड़ा जिसमें कार्निवल में एक समलैंगिक जोड़े को दर्शाया गया था.

और इस साल यौनकर्मियों से जुड़े अभियान में ‘खुशहाल यौनकर्मी’ की टिप्पणी ने एक बहस छेड़ दी है. हालांकि यौन संबंधों से होने वाली बीमारियों से जुड़ा ये अभियान अब भी जारी रहेगा, लेकिन यौनकर्मियों से जुड़ी विवादास्पद टिप्पणी को हटा दिया जाएगा.

इस अभियान का शीर्षक है – ‘कंडोम के इस्तेमाल से हमें कोई संकोच नहीं है.’ पिछले कुछ सालों में ब्राज़ील में सेक्स टूरिज़्म का प्रसार हुआ है.

बढ़ती ग़रीबी के बीच कई लड़के और लड़कियां कम उम्र में ही वेश्यावृत्ति की सहारा लेते हैं. अधिकारियों ने शपथ ली है कि वे इस समस्या को हर स्तर पर संबोधित करेंगें.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार