ब्रिटेन भेजे जाएंगे गुरकिरन के अंग?

गुरकिरन लॉयल

ब्रिटिश लड़की गुरकिरन लॉयल के परिवार को उम्मीद है कि अब उनकी बेटी के अंग ब्रिटेन वापस आ पाएंगे.

ब्रिटेन के विदेश विभाग के मंत्री से मुलाकात के बाद परिवार ने राहत जताई है.

बरमिंघम की गुरकिरन लॉयल की इस साल अप्रैल में भारत यात्रा के दौरान मौत हो गई थी.

गुरकिरन छुट्टियों में भारत आई थीं और कथित तौर पर डीहाइड्रेशन यानी पानी की कमी की वजह से उनकी मौत हो गई थी.

सरकारी औपचारिकताओं के बाद गुरकिरन का शव तो ब्रिटेन वापस भेज दिया गया था लेकिन उसके कुछ आंतरिक अंगों को डॉक्टरों ने जांच के लिए रख लिया था.

ह्यूगो स्वायर के सांसद ने गुरकिरन के परिवार को बताया है कि वो इस बारे में भारत सरकार के संपर्क में हैं और अगले दो हफ़्तों में उन्हें इस बारे में हुई कार्रवाई से अवगत कराएंगे.

'काफ़ी उत्साहित'

गुरकिरन के शव में कुछ आंतरिक अंगों के न होने की वजह से ब्रिटिश पैथोलॉजिस्ट पोस्ट मॉर्टम करने में नाकाम रहे. बरमिंघम का कॉरोनर ऑफिस भारतीय अधिकारियों से इन अंगों की वापसी की मांग कर चुका है.

हॉकले में रहने वाली गुरकिरन की मां अमृत कौर लॉयल इस घटना के बाद से ही आंदोलन चला रही हैं. उनका कहना है कि वो मंत्री से मुलाकात के बाद और भारत में इस बारे में चल रही कार्रवाई से 'काफ़ी उत्साहित' हैं.

अमृत कौर ने बताया कि भारत में ब्रिटिश दूतावास ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वो उनकी मदद के लिए हर ज़रूरी क़दम उठाएगा.

परिवार की इस मांग को लेडीवुड सांसद शबाना महमूद के समर्थन से भी बल मिला है. उन्होंने ही गुरुवार को मंत्री से परिवार की मुलाकात तय की.

भारतीय अधिकारियों ने पिछले महीने पुष्टि की थी कि बच्ची के अंगों को पंजाब के पटियाला में राजिंद्रा हॉस्पिटल में रख लिया गया था. अंगों को रखने का मक़सद पोस्ट मॉर्टम टैस्ट करना था.

गुरकिरन की मौत के दो महीने बीत चुके हैं लेकिन परिवार को अभी भी ठीक-ठीक पता नहीं चल सका है कि गुरकिरन की मौत की वजह क्या थी.

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