जमा हो रहे हैं अमरीकी नागरिकों के फ़ोन रिकॉर्ड

फ़ोन रिकॉर्ड
Image caption अमरीका में सुरक्षा एजेंसियां लोगों के फ़ोन रिकॉर्ड जमा कर रहीं हैं.

अमरीका में अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी(एनएसए) लाखों अमरीकी नागिरकों के फ़ोन रिकॉर्ड को जमा कर रही है. सबसे पहले इस बारे में अंग्रेज़ी अख़बार गार्डियन ने ख़बर छापी थी.

एक वरिष्ठ अमरीकी सांसद ने कहा कि 'अमरीका पर चरमपंथी हमले को रोकने के लिए ऐसा किया जा रहा है.'

बुधवार को गार्डियन अख़बार ने उस 'ख़ुफ़िया आदेश' को भी छाप दिया था जिसमें अमरीकी अधिकारियों ने वेरीज़ोन कंपनी को फ़ोन रिकॉर्ड के आंकड़े उनके हवाले करने के आदेश दिए थे.

वेरीज़ोन अमरीका की बड़ी फ़ोन कंपनियों में से एक है. नागरिक अधिकारों के लिए काम कर रहे गुटों ने इस रिपोर्ट को आश्चर्यजनक क़रार दिया है.

अधिकार

अमरीका में ख़ुफ़िया मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष माइक रॉजर्स ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अमरीकियों के फ़ोन रिकॉर्ड को जमा करना पूरी तरह से क़ानूनी है जिसे संसद ने अधिकृत किया है और ओबामा प्रशासन ने इसका कोई ग़लत इस्तेमाल नहीं किया है.

बाद में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने फ़ोन रिकॉर्ड जमा किए जाने को बहुत 'महत्वपूर्ण उपकरण' क़रार दिया जिससे अमरीकी अधिकारियों को संदिग्ध चरमपंथियों पर नज़र रखने में काफ़ी मदद मिलती है.

लेकिन इस जानकारी के सार्वजनिक होने के बारे में सुरक्षा एजेंसी और वेरोज़ोन कंपनी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

गार्डियन अख़बार ने जो ख़बर छापी है उसमें अमरीका के विदेशी ख़ुफ़िया निरीक्षण अदालत के न्यायाधीश जस्टिस रॉजर विंसन के 25 अप्रैल को दिए गए आदेश का ज़िक्र है.

Image caption वेरीज़ोन अमरीका की बड़ी फ़ोन कंपनियों में से एक है.

ये आदेश जॉर्ज बुश के कार्यकाल के दौरान बने पेट्रियट ऐक्ट की एक धारा के आधार पर दिए गए है.

आदेश के अनुसार वेरीज़ोन कंपनी को एनएसए को उन सभी देसी-विदेशी कॉलों की जानकारी देनी है जिनमें बात करने वाला कम से कम एक व्यक्ति अमरीका में रहता है.

राय विभाजित

व्हाइट हाउस ने ये स्पष्ट किया कि ये आदेश अमरीकी सुरक्षा अधिकारियों को अमरीकी नागरिकों की फ़ोन पर हुई बातचीत को सुनने का अधिकार नहीं देता है.

लेकिन सरकार चाहे तो किसी संदिग्ध के फ़ोन नंबर पर की जा रही बातचीत को सुनने के लिए कोर्ट से इजाज़त देने की अपील कर सकती है.

इस बारे में अमरीकी पार्टियों और सांसदों की राय अलग-अलग है. एक निर्दलीय सांसद बर्ने सैंडर्स ने इसकी आलोचना करते हुए कहा, ''ये कहना कि सरकार लाखों अमरीकियों के फ़ोन रिकॉर्ड की जांच करेगी, मेरी समझ से ये अस्वीकार्य है.''

रिपब्लिकन सांसद रैंड पॉल ने एक बयान जारी कर कहा कि वो संसद में एक बिल पेश करेंगे जिसमें बिना किसी ख़ास कारण के सुरक्षा एजेंसियों को लोगों के फ़ोन रिकॉर्ड जमा करने पर पाबंदी लगाने की बात की जाएगी.

Image caption पत्रकारों के फ़ोन रिकॉर्ड जमा किए जाने की ख़बर के बाद ओबामा प्रशासन की ख़ूब आलोचना हुई थी.

लेकिन एक दूसरे रिपब्लिकन सांसद लिंडसे ग्राहम ने कहा कि उन्हें इस बात से कोई दिक़्क़त नही है.

उन्होंने अपने पक्ष का बचाव करते हुए कहा, ''अगर हम ऐसा नहीं करते तो हम पागल हैं. अगर आप किसी चरमपंथी से बात नहीं कर रहें हैं तो आपको किसी बात की चिंता करने की ज़रूरत ही नही.''

लेकिन नागरिक अधिकारों की वकालत करने वाले गुटों ने इस आदेश का जमकर विरोध किया है.

अमरीकन सिविल लिबर्टीज़ यूनियन (एसीएलयू) के क़ानूनी उपनिदेशक जमील जाफ़र का इस बारे में कहना था, ''ये इस बात का एक और सबूत है कि किसी तरह से अमरीकियों के बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों को अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों की मांगों के आगे समर्पण किया जा रहा है.''

पिछले महीने समाचार एजेंसी एपी के पत्रकारों के फ़ोन रिकॉर्ड जमा किए जाने की ख़बर सार्वजनिक होने के बाद व्हाइट हाउस की काफ़ी आलोचना हुई थी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार