राष्ट्रपति पुतिन के तलाक पर लोगों को भरोसा नहीं

व्लादिमीर पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनकी पत्नी ल्यूदमिला ने सरकारी टीवी चैनल पर अपने तलाक़ की घोषणा कर दी लेकिन मॉस्को के लोगों को पुतिन के इस फ़ैसले पर अब भी यक़ीन नहीं हो रहा है.

रूस में ऐसे कई लोग मिल जाएंगे जिनका यह मानना है कि रूस के राष्ट्रपति के दिमाग़ में तलाक़ लेने का ख़्याल भी नहीं आ सकता है.

वालेरी ने मुझसे कहा, “मुझे इस पर यक़ीन नहीं है और न मैं ऐसी बातों को सच मानता हूं. हमारे नेता इस तरह का काम नहीं करते और न ही उन्होंने ऐसा किया है.”

नदेज़्द भी इस बात पर भरोसा नहीं करती हैं. वह थोड़े गुस्से में कहती हैं, “यह अफ़वाह से ज़्यादा कुछ नहीं है. ज़रूर टीवी चैनलों ने पुतिन को लेकर कोई मसखरी की होगी.”

मैंने नदेज़्द को पांच मिनट तक यह समझाने की कोशिश की कि टीवी चैनल ने कोई मज़ाक नहीं किया था और सचमुच राष्ट्रपति पुतिन ने ही ख़ुद टीवी पर यह घोषणा की थी.

उन्होंने मुझसे कहा कि व्लादिमीर पुतिन और उनकी पत्नी पर रूस के लोगों की जिम्मेदारी है और वे कभी तलाक़ नहीं ले सकते हैं.

इतिहास की मिसाल

हालांकि उनके इस अविश्वास की वज़ह को समझना इतना भी मुश्किल नहीं है. इतिहास में क़रीब 300 साल पहले की ही एक मिसाल है जब आख़िरी बार किसी रूस के नेता ने तलाक़ लेने का फ़ैसला किया था. वह शख़्स थे पीटर दि ग्रेट जिन्होंने अपनी पत्नी को एक आश्रम में छोड़ दिया.

मुझे यह सोचकर हैरानी होती है कि अगर ज़ार पीटर के दौर में भी टेलीविज़न का अस्तित्व होता तो शायद वह भी व्लादिमीर और ल्यूदमिला की तरह ही सरकारी चैनल पर संयुक्त रूप से अपने अलग होने की घोषणा करते.

उनका साक्षात्कार बैले कार्यक्रम के मध्यांतर के दौरान आया और यह बेहद हैरतअंगेज घटना थी. ऐसा लगा कि इस घोषणा को पेश करने के तरीक़े के बारे में काफ़ी सोचा गया था.

इस साक्षात्कार से पहले तक रूस के राष्ट्रपति की निजी ज़िंदगी रूस की सरकारी मीडिया के लिए भी वर्जित ही थी और सरकारी मीडिया उनकी निजी ज़िंदगी से बिल्कुल भी वाकिफ नहीं थी.

संवाददाता भी कभी क्रेमलिन नेता से उनकी वैवाहिक जिंदगी की मुश्किलों के बारे में पूछने का साहस नहीं कर पाते थे.

हालांकि गुरुवार की रात एक सरकारी टीवी के संवाददाता ने अब तक का एक अकल्पनीय सवाल आख़िर पूछ ही लिया, “क्या यह सच है कि राष्ट्रपति और उनकी पत्नी अलग रह रहे थे? क्या उनका तलाक़ हो चुका था.”

इस पर भरोसा करना मुश्किल हो रहा है कि ऐसा तकलीफ़देह सवाल आधिकारिक अनुमति के बग़ैर कैसे पूछा जा सकता था.

संवाददाता की आवाज़ में घबराहट साफ़ झलक रही थी. उनके मुंह से “तलाक़” शब्द निकलने ही वाला था कि उससे पहले ही उन्होंने माफ़ी मांग ली.

क्यों टूटी शादी

लेकिन अहम सवाल यह है कि आख़िर यह शादी क्यों टूटी?

Image caption पुतिन ने 2008 में तलाक़ की ख़बरों को किया था ख़ारिज

उन्होंने अपने साक्षात्कार में जो कहा उससे यही नतीज़ा निकलता है कि व्लादिमीर अपना ज़्यादा वक्त काम में बिता रहे थे और ल्यूदमिला को सार्वजनिक जगहों पर जाना पसंद नहीं था. लेकिन इसकी क्या कोई और वजह भी हो सकती है?

मॉस्को रेडियो पर व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्रि पेशकोव से इस ‘अफ़वाह’ के बारे में पूछा गया कि क्या राष्ट्रपति पुतिन की ज़िंदगी में कोई दूसरी महिला की मौजूदगी है. उन्होंने इस बात को सिरे से ख़ारिज करते हुए इसे महज़ एक अफ़वाह और अटकल ही बताया.

हालांकि अभी यह तस्वीर साफ़ नहीं हो पाई है कि इस तलाक़ से रूस के राष्ट्रपति से जुड़े नजरिये पर कैसा असर पड़ेगा.

नदेज़्द जैसे रूसी नागरिकों को साफ़तौर पर निराश होना पड़ेगा कि क्रेमलिन नेता तलाक़ लेने की अपनी योजना पर क़ायम हैं.

युवा पीढ़ी की ओर से यह चेतावनी है कि राष्ट्रपति पुतिन के सामने विवाहित महिला समर्थकों के खोने का ख़तरा पैदा हो सकता है.

हालांकि मीडिया और रचनात्मक क्षेत्र में उनके लिए सहानुभूति और समर्थन भी है. रूस के कुछ नागरिक निजी ज़िंदगी और वैवाहिक ज़िंदगी की दिक्कतों के प्रति उनकी ईमानदारी की तारीफ़ करते हैं. उनकी इस साफ़गोई को सभी सराहते हैं कि रूस के राष्ट्रपति भगवान के अवतार नहीं हैं और वह भी लोगों की तरह की एक आम इंसान हैं.

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