उत्तर और दक्षिण कोरिया करेंगे बातचीत

दक्षिण कोरिया की समाचार एजंसी यॉनहैप ने खबर दी है कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के अधिकारी 2007 के बाद पहली बार उच्च स्तरीय वार्ता के लिए सहमत हो गए हैं.

यह बातचीत दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के लिए पनमुजॉम के एक गांव में हुई शुरुआती दौर की बातचीत को आगे बढ़ाएगी.

समाचार एजेंसी ने कहा है कि बातचीत सोल में बुधवार और गुरुवार को प्रस्तावित है. यह वार्ता दोनों देशों के बीच कुछ महीने पहले पैदा हुए भारी तनाव के बाद हो रही है.

विश्वास बहाली के उपाय

दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क ग्वेन हे ने कहा था कि वह पिछली उत्तर कोरियाई सरकार के दौरान ख़राब रिश्तों के बाद एक बार फिर विश्वास बहाली चाहती हैं.

दक्षिण कोरिया के एक प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा पनमुजॉम में वार्ता सुचारु और बिना किसी बहस के हुई. साल 1950-53 तक हुए कोरियाई युद्ध के ख़ात्मे के लिए पनमुंजॉम में ही समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे.

दक्षिण कोरिया स्थित एकीकरण मंत्रालय ने कहा है कि दोनों पक्ष लंबित मुद्दों पर एक आंशिक समझौते पर पहुँच गए थे.

इस हफ्ते होने वाली वार्ता में दक्षिण कोरिया का नेतृत्व एकीकरण मंत्री यू खिल जे करेंगे. उन्होंने उत्तर कोरिया से यूनाइटेड फ्रंट डिपार्टमेंट के प्रमुख को वार्ता के लिए भेजने को कहा है.

इस बीच उत्तर कोरिया की सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने कहा है कि वार्ता का मुख्य विषय दोनों देशों के बीच रुके हुए कारोबार को फिर शुरू करना होना चाहिए, ख़ासकर गेसांग के साझा औद्योगिक क्षेत्र के बारे में. तनाव बढ़ने के बाद इस साल अप्रैल में इसे उत्तर कोरिया ने बंद कर दिया था.

इसके अलावा बिछड़े परिवारों और रिश्तेदारों को मिलाने और अन्य मानवीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी.

बिगड़ते रिश्ते

उत्तर कोरिया ने इस साल 12 फ़रवरी को परमाणु परीक्षण किया था. इसके बाद दोनों देशों के रिश्ते काफी बिगड़ गए थे.

Image caption गेसांग में 120 से अधिक दक्षिण कोरियाई कंपनियां हैं

परमाणु परीक्षण के बाद संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध कड़े कर दिए थे. इसके अलावा दक्षिण कोरिया और अमरीका के सालाना संयुक्त सैन्य अभ्यास से नाराज़ होकर उत्तर कोरिया ने गेसांग से अपने मज़दूरों को हटा लिया था.

गेसांग के संयुक्त औद्योगिक क्षेत्र को उत्तर और दक्षिण कोरिया के सहयोग के एक प्रतीक के रूप में देखा जाता है. यह औद्योगिक इलाक़ा उत्तर कोरिया में पिछले आठ साल से अधिक समय से सफलतापूर्वक काम कर रहा है.

गेसांग के 120 से अधिक दक्षिण कोरियाई कारखानों में क़रीब 53 हज़ार उत्तर कोरियाई मज़दूर काम करते हैं

यह औद्योगिक क्षेत्र उत्तर कोरिया के राजस्व का प्रमुख स्रोत है. दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापार का बड़ा हिस्सा भी यहीं से होता है.

पिछले गुरुवार को उत्तर कोरिया ने गेसांग में कामकाज शुरू करने के मुद्दे पर दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत की पेशकश की थी.

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