ब्रिटेन: छह मुसलमान कट्टरपंथियों को 18 साल की सज़ा

Image caption छह लोगों को बम धमाके करने की साज़िश रचने का दोषी पाया गया है

मध्य इंग्लैंड के बर्मिंघम की एक अदालत ने छह इस्लामिक कट्टरपंथियों को 18 साल से अधिक की जेल की सजा सुनाई है.

उमर खान, जवीलु्द्दीन, मोहम्मद हसीन, मोहम्मद साउद, ज़ोहाएब अहमद और अनज़ल हुसैन ने अप्रैल में आंतकवाद के आरोप मान लिए थे.

इन लोगों को 'इंग्लिश डिफेंस लीग' नाम के दक्षिणपंथी संगठन की रैली में बम धमाका करने की साज़िश रचने का दोषी पाया गया है.

ये समूह पिछले साल इंग्लिश डिफेंस लीग की एक रैली में हमला करने के मकसद से पहुंचा था. हालांकि वो अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए क्योंकि रैली पहले ही समाप्त हो गई थी.

जज ने अपने फैसले में कहा है कि अगर वो अपने मकसद में सफल हो गए होते तो इसकी प्रतिक्रिया में भी हमले होते और फिर हिंसा का एक चक्र शुरु हो जाता.

ये लोग बम और चाकू लेकर आए थे.

हिंसा- प्रतिहिंसा

ब्रिटेन में पिछले कुछ समय से दो समुदायों के बीच हिंसा -प्रतिहिंसा का दौर चल रहा है. वहीं इंग्लिश डिफेंस लीग के नेता ने मुसलमानों पर हुए हमलों की निंदा की है.

22 मई को वुलिच में एक सैनिक की हत्या के बाद से कई इस्लामी केन्द्रों को निशाना बनाया गया हैं. सैनिक ली रिग्बी की कथित इस्लामी चरमपंथियों ने दिन दहाडे गला रेतकर हत्या कर दी थी.

इसके बाद से इस्लामी केन्द्रों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी.बीते बुधवार को मसवेल कम्युनिटी सेंटर और शनिवार को चिसलहर्स्ट स्कूल पर हमले की खबरें आई थीं.

पुलिस आयुक्त सर बर्नार्ड हॉगन-होव ने कहा था कि उन जगहों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है जो ‘अति संवेदनशील’ हैं.

(इसे भी देखें--तस्वीरों में वुलिच हमले की कहानी)

अल्पसंख्यकों पर निशाना

Image caption ब्रिटेन में इस्लामी चरमपंथी पुलिस के लिए समस्या बनते जा रहे हैं

ब्रिटेन के गृह मामलों के बीबीसी संवाददाता डेनी शॉ ने कहा था कि आयुक्त का बयान स्थिति की गंभीरता को बयान करता है.

शॉ के मुताबिक इस बयान का मतलब है, “आगे भी हमले हो सकते हैं.”

पिछले शनिवार को दक्षिण-पूर्व लंदन के चिसलहर्स्ट में हुए हमले के दौरान दारुल उलूम के बोर्डिंग स्कूल से 130 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था. इसमें बोर्डिंग स्कूल के कर्मचारी और छात्र दोनों शामिल थे.

हालांकि आगजनी में कोई घायल नहीं हुआ था.

केन्द्र के प्रवक्ता सैयद मोहम्मद का कहना है कि हमलावरों को इमारत में लगे सिक्योरिटी कैमरों में देखा गया था. उन्होंने कहा, “हम लोग ब्रितानी समुदाय का हिस्सा हैं. इस घटना से हम बेहद दुखी हैं.” सैयद मोहम्मद ने कहा कि इमारत को पहले भी निशाने पर लिगा गया था.

“इंग्लिश डिफेंस लीग”

उत्तरी लंदन स्थित मसवेल हिल में भी अल्पसंख्यक समुदाय के एक केन्द्र पर हमला हो चुका है. ये हमला अल-रहमा समुदाय केन्द्र पर हुआ था. यहां पर ज्यादातर बच्चे आते हैं.

Image caption वुलिच हत्याकांड की तस्वीर

अग्निशमन दस्ते को यहां भी बुलाया गया था. इसकी दो मंजिला इमारत में आग लग गई थी.

हालांकि एक घंटे के बाद ही आग पर काबू पा लिया गया था. आगजनी के बाद पुलिस ने कहा कि इमारत के बगल में स्प्रे से 'इंग्लिश डिफेंस लीग' लिखा गया था.

आगजनी के बाद मुसलमान समुदाय ने अधिकारियों से इस्लाम के खिलाफ होने वाले हमलों के मामलों में कठोर कार्रवाई की मांग की थी.

इंग्लैंड में मुसलमान समुदाय पर हाल में हुए हमले की कई घटनाओं में सबसे ताज़ा घटना ये आगज़नी रही है.

पिछले महीने की 22 तारीख को सैनिक रिग्बी की वुलिच में उस वक्त हत्या कर दी गई थी जब वो दक्षिणी पूर्वी लंदन के बैरक में वापस लौट रहे थे.

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