वेश्यागमन आरोपों में घिरे अमरीकी अधिकारी

हिलेरी क्लिंटन
Image caption पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के सुरक्षा अधिकारियों पर भी आरोप लगे हैं

मीडिया में आई ख़बरों में कहा गया है कि अमरीकी विदेश मंत्रालय अपने उन अधिकारियों की जाँच नहीं करा पाया जिन पर वेश्यागमन, नशीले पदार्थों के व्यापारियों से संबंध रखने और लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप है.

सीबीएस न्यूज को मिले कागजात में कहा गया है कि पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के सुरक्षा आधिकारियों ने आधिकारिक यात्रा के दौरान कई बार यौनकर्मियों की सेवाएं लीं.

इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि नशीली दवाओं का काम करने वाला एक गिरोह इराक में विदेश विभाग के ठेकेदारों को नशीली दवाएं भी उपलब्ध कराता था.

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह अपने राजनयिकों के विदेश में यौन दुर्व्यवहार के मामलों की जांच करा रहा है.

मीडिया में चर्चा

अमरीकी विदेश मंत्रालय की एक प्रवक्ता ने कहा कि इस हफ़्ते के शुरू में टीवी चैनल सीबीएस ने इस तरह के कई अप्रामाणिक आरोप लगाए थे.

विदेश मंत्रालय के मेमो के हवाले से सीबीएस ने कहा है कि बेरूत में एक अमरीकी सुरक्षा अधिकारी ने उन विदेशियों का यौन उत्पीड़न किया जिन्हें सुरक्षाकर्मियों के तौर पर नौकरी दी गई थी.

बेल्जियम में तैनात अमरीकी राजदूत हावर्ड गुटमैन ने एक बयान जारी कर इस तरह के आरोपों को आधारहीन बताया है कि उन्होंने अपने आधिकारिक निवास के पास एक पार्क में एक यौनकर्मी के साथ संबंध बनाए थे, हालांकि रिपोर्ट में उनका नाम नहीं लिया गया है.

सीबाएस के मुताबिक़ विदेश मंत्रालय के महानिरीक्षक की रिपोर्ट के मसविदे में अमरीकी अधिकारियों के अनुचित व्यवहार के आठ उदाहरण दिए गए है.

सीबीएस के मुताबिक़ एक राजदूत के सार्वजनिक पार्क में यौनकर्मियों के साथ जाने जैसे कुछ आरोपों को दबा दिया गया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि यौनकर्मियों और बच्चों से यौन संबंध बनाने के लिए राजदूत ने कई बार अपनी सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ा. उनकी सुरक्षा करने वाली टीम और उनके सहकर्मियों को इसकी जानकारी भी थी.

आरोपों की जांच

Image caption अमरीकी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों पर कई तरह के आरोप लगाए गए हैं

टीवी चैनल सीएनएन ने भी ख़बर दी है कि महानिरीक्षक ने जांच में पाया कि बगदाद में अमरीकी दूतावास के निकट विदेश मंत्रालय के ठेकेदारों को एक समूह अवैध पदार्थ की आपूर्ति कर रहा था, लेकिन इस जाँच को बाद में रोक दिया गया.

इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि बेरूत में तैनात विदेश विभाग के एक अधिकारी ने वहाँ सुरक्षा कर्मी के रूप में तैनात एक विदेशी नागरिक के साथ यौन हिंसा की. सीएनएन के मुताबिक़ इस अधिकारी पर इस तरह के आरोप पहले भी लगाए गए हैं.

महानिरीक्षक की जांच में उनके साथ रहे औरेलिया फ़ेडिनसिन ने सीबीएस से कहा,''इस मामले में हमने कुछ और गलत हरकत वाले आरोपों का भी पता लगाया है, लेकिन इनमें से कुछ पर कभी भी कोई कार्रवाई नहीं की गई.''

महानिरीक्षक कार्यालय ने बाहरी क़ानूनी एजेंसियों को इस बात पर नज़र रखने के लिए कहा है कि विदेश मंत्रालय अपने अधिकारियों के खिलाफ लगने वाले गंभीर आरोपों से किस तरह निपटता है.

विदेश विभाग के प्रवक्ता जेन पास्की ने कहा,''दुराचार के इन आरोपों को हम गंभीरता से लेते है और उनकी तह तक जांच कराते हैं. सीबीएस रिपोर्ट मं जिन मामलों का ज़िक्र है उनकी विस्तृत जाँच कराई गई है और मंत्रालय दोषियों पर कार्रवाई भी कर रहा है.''

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