ईरान: राष्ट्रपति पद चुनाव नतीजों का इंतज़ार

  • 15 जून 2013

ईरान में राष्ट्रपति पद के लिए मतदान संपन्न हो गया है, इस दौरान करोड़ों लोगों ने अपना मताधिकार का इस्तेमाल किया है.

केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारों को देखते हुए मतदान का समय पांच घंटे बढ़ाया गया था. मतदान स्थानीय समय के अनुसार रात 11 बजे तक जारी रहा.

हांलाकि पहले घोषणा की गई थी कि मतदान स्थानीय समयानुसार शाम छह बजे के बजाय आठ बजे तक जारी रहेगा लेकिन उसके बाद एक बार फिर वोटिंग दो घंटे के लिए बढ़ा दी गई.

ईरान में मतदान स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजे शुरू हुई. एक अनुमान के अनुसार ईरान में पांच करोड़ मतदाता हैं.

मतों की गिनती

मतदान खत्म होने के बाद आधी रात से ही मतों की गिनती का काम शुरु हो गया है और उम्मीद है कि अगले 24 घंटों में नतीजे मिल जाएंगे.

ईरान के गृह मंत्री मुस्तफ़ा मोहम्मद नज्जर ने कहा है कि अगर उम्मीदवार नतीजों से खुश नहीं हैं तो उनके पास मतदान से सबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए तीन दिन का समय होगा.

इन चुनाव में छह उम्मीदवार हैं जिनमें से ज्यादातर रूढ़िवादी हैं.

इस बीच,चुनाव में भाग लेने वाले छह उम्मीदवारों ने एक संयुक्त बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने अपने समर्थकों से आधिकारिक परिणाम आने तक भावनाओं पर नियंत्रण रखने को कहा गया है.

बयान में उन्होंने जनता से अपील की है कि वह अफवाहों से बचें और औपचारिक परिणाम आने तक इक्टठे होने से बचें.

मुकाबले के अहम दावेदार

सईद जलीली दक्षिणपंथी रुझान वाले नेता हैं. वे मौजूदा परमाणु वार्ताकार हैं और सरकारी निज़ाम दक्षिणपंथियों के नियंत्रण में देखना चाहते हैं.

क्या दूसरे अहमदीनिजाद साबित होंगे जलीली?

अली अकबर विलायती मुख्यधारा की सियासत के रुढ़िवादी उम्मीदवार हैं. वे विदेश मंत्री भी रह चुके हैं और परमाणु वार्ता के मसले पर ईरान के रवैए को बदलना चाहते हैं.

मोहम्मद बाकर कलीबाफ मुख्यधारा के रुढ़िवादी नेता हैं. वे तेहरान के मेयर भी हैं और खुद को व्यावहारिक सियासी शख्सियत के तौर पर देखा जाना पसंद करते हैं.

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व कमांडर मोहसिन रेज़ाई दक्षिणपंथी रुझान वाले मध्यमार्गी नेता माने जाते हैं. वे आर्थिक संघवाद के जरिए सामाजिक सुधार करना चाहते हैं.

वामपंथी रुझान वाले मध्यमार्गी नेता हसन रहानी परमाणु वार्ताकार भी रह चुके हैं. उन्हें मध्यमार्गियों और सुधार समर्थक धड़े की नुमांइदगी करने वाले नेता के तौर पर भी देखा जाता है.

सफल होने वाला उम्मीदवार देश के वर्तमान राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की जगह लेगा जो दो बार राष्ट्रपति रहने के बाद अब संवैधानिक बाध्यता के चलते राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के पात्र नहीं हैं.

राष्ट्रपति अहमदीनेजाद की आठ साल की सत्ता के दौरान ईरान को अपने विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर पड़ा, जिसके कारण ईरान आर्थिक संकट से ग्रस्त है.

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